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बीकानेर: सनातन संस्कृति के प्रसार के लिए बच्चों को निःशुल्क दिया जा रहा वैदिक ज्ञान

बीकानेर शहर के बच्चे गर्मियों की छुट्टियों में अब मोबाइल और खेलकूद छोड़कर वैदिक पाठशालाओ में मंत्रोच्चार के साथ साथ ज्योतिष गणना का अध्यन कर रहे हैं.

बीकानेर: सनातन संस्कृति के प्रसार के लिए बच्चों को निःशुल्क दिया जा रहा वैदिक ज्ञान
इस पाठशाला में बच्चों को निःशुल्क वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ज्योतिष गणना का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

त्रिभुवन रंगा/बीकानेर: गर्मियों की छुट्टियों का नाम सुनते ही आपको अपना बचपन याद आ जाता है. जी भरकर खेलना या मस्ती करना आम बात होती थी. वही आज के परिवेश की बात करे तो स्केटिंग, स्विमिंग, डांसिंग सहित कई तरह के कोर्स करना आज के बच्चों के लिए एक जुनून बनाता जा रहा है. लेकिन अगर आप को कहे कि गर्मियों की इन छुट्टियों में बच्चे वैदिक मंत्रोच्चार या ज्योतिष की गणना सीख रहे है तो आपका चौंकना वाजिब है कि आज के इस आधुनिक युग मे कौन बच्चे इसे सीखते है. 

लेकिन हम आज आपको ऐसे ही बच्चों का बातें बताने जा रहे है जो आधुनिक विचार धारा के साथ साथ  सनातन शिक्षा की ओर अपना रुझान दिखा रहे है. भगवान, ज्ञान और विज्ञान की दुनिया से कोसों और मीलों दूर खड़ी जिन्दगी की जान मोबाइल में बसती है. आज की युवा पीढ़ी के लिए मोबाइल मानों सांसे बन गया. दूर होते ही दिल बैठने लगता है. मोबाइल पर आंखें खुलती. फिर पलक झपने के बाद ही मोबाइल की लाइट बंद होती है.

वहीं, मोबाइल की इस लत को छुड़ाने के लिए मोबाइल की घंटियों की जगह वैदिक मंत्रोच्चारण की मधुर ध्वनि सुनाई जा रही है. बीकानेर शहर के बच्चे गर्मियों की छुट्टियों में अब मोबाइल और खेलकूद छोड़कर वैदिक पाठशालाओ में मंत्रोच्चार के साथ साथ ज्योतिष गणना का अध्यन कर रहे हैं.

ऐसा हो रहा है आचार्य भाई श्री के सानिध्य में चल रही वैदिक पाठशाला में, जहां सैकड़ों विद्यार्थी आ रहे हैं. आचार्य भाई श्री का कहना है कि आज के आधुनिक युग मे युवा और बच्चे मोबाइल और वीडियो गेम की ओर आकर्षित हो रहे हैं. युवा अपनी सनातन संस्कृति को भूलने लगे. ऐसे में आचार्य भाई श्री ऐसे युवा और बच्चों को निःशुल्क वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ज्योतिष गणना का प्रशिक्षण दे रहे हैं. जिससे सनातन संस्कृति को भूल रहा युवा अपनी संस्कृति के पथ पर आ सके.

आधुनिकता के दौर में फोन हमारी परंपराओं को डिलीट कर रहा है. आज की युवा पीढ़ी और बच्चों को बर्बाद कर रहा है. ऐसे में आचार्य भाई श्री की इस कोशिश को सब सलाम कर रहे हैं.