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राजस्थान में 199 विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना हुई पूरी, EC ने जारी किए आंकड़े

7 दिसंबर को हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए हो रही मतगणना मंगलवार देर रात पूरी हुई.

राजस्थान में 199 विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना हुई पूरी, EC ने जारी किए आंकड़े
राज्य के 35 मतगणना केंद्रोें पर सुबह 8 बजे से शुरु हुई मतगणना देर रात पूरी हुई (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: राजस्थान के 2018 के विधानसभा चुनाव का मतगणना मंगलवार देर रात पूरी हो चुकी है. चुनाव आयोग ने 11 दिसंबर की देर रात को राज्य के 199 विधानसभा क्षेत्रों के चुनाव परिणाम को घोषित कर दिया है. 

चुनाव आयोग की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार जहां बीजेपी को 73 सीटों पर जीत मिली है, वहीं कांग्रेस के खाते में 99 सीटें गई है. इस चुनाव में सीपीआई(एम) ने राज्य में दो सीटों पर जीत हासिल की है. जबकि बसपा के उम्मीदवार 6 सीटों पर जीते हैं. इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों ने 6 सीटों पर चुनाव जीता है.

राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि राज्य में मतगणना के लिेए 35 मतदान केंद्र बनाए गए थे. जिसमे जयपुर और जोधपुर में दो-दो केंद्रों पर और शेष 31 जिलों में एक-एक केंद्र पर वोटों की गिनती की जा रही थी. 

कुमार ने बताया यह भी बताया कि मतगणना स्थल और उसके आस-पास के क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. मतगणना स्थल पर प्रवेश के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी, ताकि मतगणना स्थल पर किसी तरह का कोई व्यवधान नहीं हो सके. 

उन्होंने यह भी बताया कि मतगणना की शुरुआत पोस्टल बैलेट की गिनती से हुई थी और उसके बाद ईवीएम से किए गए वोटिंग की गिनती हुई. इसके अलावा राज्य में पहली बार सेवा नियोजित कर्मचारीयों ने अपना मतदान ई पोस्टल बैलेट के माध्यम से किया था. जिसकी गणना आयोग के स्पेशल सॉफ्टवेयर क्यू आर कोड स्कैनर के माध्यम से की की गई है. इसके माध्यम से इन ई पोस्ट बैलेट को मतगणना में शामिल किया गया है.

निष्पक्षता के लिए ‘मैंडेटरी वैरीफिकेशन‘ पद्धति की गई थी लागू

मतगणना में पूर्ण निष्पक्षता बनी रहे इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने ‘मैंडेटरी वैरीफिकेशन‘ पद्धति को भी लागू किया था. जिस दौरान मतगणना पूरा होने के बाद प्रत्येक विधानसभा के मतदान केंद्रों से रैंडमली एक-एक वीवीपैट का चयन कर उसकी पर्चियों की गणना कर, ईवीएम से प्राप्त मतों से मिलान किया गया था. इस दौरान रिटर्निंग आफिसर-पर्यवेक्षकों की निगरानी और उम्मीदवार या उनके एजेंटों के समक्ष अलग कक्ष में वीवीपैट मशीन से निकली पर्चियों की मतगणना और मिलान हुआ. कुमार ने बताया कि इससे पहले गुजरात और हिमाचल के चुनावों में भी यह प्रयोग आजमाया जा चुका था.

जानिए EC द्वारा जारी विधानसभा क्षेत्रों के आंकड़े