कोटा में मरीज भुगत रहे मेडिकल कॉलेज और चिकित्सा विभाग की अनबन का खामियाजा, बोले...

बुधवार रात को भी एक ऐसा ही मामला सामने आया, जिस कारण कोरोना संक्रमित मरीजों को डेढ़ घंटे तक परेशान होना पड़ा. 

कोटा में मरीज भुगत रहे मेडिकल कॉलेज और चिकित्सा विभाग की अनबन का खामियाजा, बोले...
मामला प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंचा तब जाकर मरीजों की समस्या का समाधान हुआ.

मुकेश सोनी कोटा: कोरोना काल में मेडिकल कॉलेज और चिकित्सा विभाग के बीच तालमेल की कमी कोटा में लगातार सुर्खिया बनती जा रही हैं. दोनों विभागों में तालमेल की कमी का खामियाजा कोरोना संक्रमित मरीजों को भुगतना पड़ रहा है.  

बुधवार रात को भी एक ऐसा ही मामला सामने आया, जिस कारण कोरोना संक्रमित मरीजों को डेढ़ घंटे तक परेशान होना पड़ा. मामला प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंचा तब जाकर मरीजों की समस्या का समाधान हुआ.

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दरअसल, आलनिया क्वारेंटाइन सेंटर से डायबिटीज, हाइपरटेंशन, ब्लड प्रेशर वाले चार कोरोना पॉजिटिव मरीजों को बुधवार शाम 7 बजे नए अस्पताल (कोविड डेडिकेटेड) में भर्ती होने के लिए रैफर किया गया था. मरीज जब एम्बुलेन्स से अस्पताल पहुंचे तो यहां बेड खाली नहीं होने का हवाला दिया. साथ ही कम लक्षण वाले मरीज बताते हुए उन्हें भर्ती नहीं किया. 

मेडिकल कॉलेज प्रशासन व सीएमएचओ विभाग में तालमेल की कमी के चलते करीब डेढ़ घण्टे तक संक्रमित मरीज अस्पताल के बाहर ही बैठे रहे. बाद में मामला एडीएम सिटी के पास पहुंचा. उनकी दखल के बाद रात 10 बजे अस्पताल में एडमिशन कर इन्हें भर्ती किया गया. 

क्या है सीएमएचओ का कहना
सीएमएचओ डॉ. बीएस तंवर ने बताया कि आलनिया क्वारेंटाइन सेंटर पर फिजिशियन ने चार मरीजों (हाई रिस्क) को डायबिटीज, ब्लड प्रेशर की बीमारी होने के कारण चिहिन्त कर उन्हें इलाज के लिए नए अस्पताल में भर्ती करने के लिए रैफर किया था, लेकिन यहां उन्हें भर्ती नहीं किया. एडीएम सिटी से बात की. उनके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया.