close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

विधानसभा चुनाव: बीजेपी-कांग्रेस के बीच शुरू हुई साइबर वॉर, निशाना बनीं वसुंधरा राजे

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू किया गया है जिसे 'महारानी थारी अहंकारी' टैग दिया गया है.

विधानसभा चुनाव: बीजेपी-कांग्रेस के बीच शुरू हुई साइबर वॉर, निशाना बनीं वसुंधरा राजे
हालांकि भारतीय जनता पार्टी की तरफ से भी फाइबर योद्धाओं की एक पूरी फौज तैयार है.

सुशान्त पारीक/जयपुर: राजस्थान विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है दोनों तरफ से सेनापति और रणनीतिकार चुनावी मैदान में उतर चुके हैं. दोनों ही दलों के नेताओं के बीच जुबानी जंग के दौर तेज हो गए हैं. लेकिन इस एक जंग के अलावा एक और लड़ाई भी है जो शुरू हो चुकी है और वह है सोशल मीडिया वॉर. इस जंग में पहला हमला कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर किया गया है.

राजस्थान विधानसभा चुनाव में इस बार जमीनी रणनीति के साथ-साथ सोशल प्लेटफार्म पर दिलचस्प जंग देखने को मिलेगी. भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस की तरफ से एक दूसरे पर बड़े हमले किए जाएंगे. कांग्रेस की तरफ से इसकी शुरुआत की जा चुकी है. कांग्रेस पार्टी की तरफ से कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ जंग का बिगुल बजा दिया है.

कांग्रेस ने पहला निशाना राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को बनाया है. सोशल मीडिया कांग्रेस के आईटी सेल की ओर से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू किया गया है इस अभियान को टैगलाइन दी गई है '#महारानी थारी अहंकारी'. इस अभियान के जरिए अलग-अलग पोस्ट और वीडियो तैयार किए गए हैं जिनमें राजस्थान के अलग अलग चुनावी मुद्दों और जनता की परेशानियों के साथ जोड़कर उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक ट्विटर और व्हाट्सएप पर शेयर किया जा रहा है.
 
राजस्थान कांग्रेस आईटी सेल के अध्यक्ष दानिश अबरार का कहना है कि कांग्रेस के इस अभियान के पीछे मकसद यह है कि भारतीय जनता पार्टी की नाकामियों को जनता के बीच ले जाया जाए. साथ ही एक बड़ी आबादी जो मोबाइल फोन इंटरनेट का यूज करती है उनका कांग्रेस अपनी सीधी पहुंच बना सके. आने वाले दिनों में इस तरह के अभियान भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं के खिलाफ देखने को मिलेंगे.

हालांकि भारतीय जनता पार्टी की तरफ से फाइबर योद्धाओं की एक पूरी फौज राजस्थान में तैयार है. अमित शाह अपने जयपुर कार्यक्रम के दौरान उनको विधानसभा चुनाव की रणनीति भी समझा चुके हैं. शुरुआत में लग रहा था कि कांग्रेस इस मोर्चे पर पिछड़ रही है. लेकिन कांग्रेस की आईटी सेल ने साइबर वॉर का पहला हमला कर मनोवैज्ञानिक बढ़त जरूर बना ली है. आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस के सामने का क्या जवाब देती है.