Dausa में शराब ठेके के लिए लगी इतनी बड़ी रकम की बोली, Computer भी खो बैठा होश

 इस बार दौसा (Dausa) जिले में 999 करोड़ 99 लाख 95 हजार 216 रुपये की बोली लगाई गई है.

Dausa में शराब ठेके के लिए लगी इतनी बड़ी रकम की बोली, Computer भी खो बैठा होश
प्रतीकात्मक तस्वीर.

Dausa: शराब की दुकानों की ई-ऑक्शन (E-auction) के माध्यम से बोली लगाना बड़ा मजाक बन गया है. पूर्व में हनुमानगढ़ (Hanumangarh) जिले में 500 करोड़ रुपये से अधिक की शराब की दुकान की ई-आक्शन के माध्यम से बोली लगाई गई थी तो इस बार दौसा (Dausa) जिले में 999 करोड़ 99 लाख 95 हजार 216 रुपये की बोली लगाई गई है.

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दूसरे नंबर पर रहे प्रतिद्वंदी ने प्रथम बोली दाता से पांच हजार कम की बोली लगाई. ई-ऑक्शन के माध्यम से लगने वाली शराब की दुकानों की बोली को लेकर बोली दाता अब बड़ा मजाक बनाने में लगे हुए हैं. 

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दौसा (Dausa) जिले के सायपुर पाखरं ग्राम पंचायत की शराब की दुकान को बोली दाता करण सिंह गुर्जर (Karan Singh Gurjar) करीब 10 अरब में महज पांच हजार रुपये कम तक ले गया. दूसरा बोली दाता नवल किशोर मीणा (Nawal Kishor Meena) रहा. नवल किशोर मीणा इस बोली में 10 अरब से महज दस हजार रुपये दूर रहा हालांकि विभाग के अधिकारी ने बोली दाता करण सिंह गुर्जर के नाम शराब की दुकान का स्वीकृति पत्र जारी कर दिया. साथ ही 16 अप्रैल तक 2% धरोहर राशि जमा करवाने के भी निर्देश दिए हैं.

क्या कहना है दौसा जिला आबकारी अधिकारी अनिल जैन का 
दौसा जिला आबकारी अधिकारी अनिल जैन (Anil Jain) का कहना है कि अगर बोली दाता करण सिंह गुर्जर ने 2% धरोहर जमा नहीं करवाई तो उसकी दो लाख रुपये की अमानत राशि जब्त कर ली जाएगी और साठ हजार रुपये आवेदन शुल्क भी जब्त रहेगा. वहीं, तीन साल के लिए विभाग द्वारा बोली दाता को ब्लैक लिस्ट घोषित कर दिया जाएगा, जिसके चलते वह 3 साल तक शराब की दुकानों की बोली नहीं लगा सकता.

नवल किशोर मीणा की भी अमानत राशि और आवेदन शुल्क जब्त 
करण सिंह गुर्जर के शराब की दुकान नहीं लेने पर दूसरे स्थान पर रहे. बोली दाता नवल किशोर मीणा को दौसा जिला आबकारी विभाग मौका देगा और नवल किशोर मीणा ने भी अगर धरोहर राशि जमा नहीं करवाई तो उसकी भी अमानत राशि और आवेदन शुल्क जब्त कर लिए जाएंगे. साथ ही उसे भी 3 साल के लिए ब्लैक लिस्ट घोषित कर दिया जाएगा. 

शराब की दुकानों में पारदर्शिता के लिए की गई ई-ऑक्शन 
विभाग ने बेशक शराब की दुकानों में पारदर्शिता रहे, इसके लिए ई-ऑक्शन के माध्यम से इस बार शराब की दुकानें आवंटित की हों लेकिन बोली दाता की हैसियत का कोई नियम नहीं बनाया, जिसके चलते बोली दाता मनमर्जी की बोली लगाकर एक ओर जहां विभाग का समय खराब कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर विभाग के रेवेन्यू में घाटे देने का काम भी कर रहे हैं. 

129 शराब की दुकानें हैं चालू
दौसा जिले में कुल 138 शराब की दुकानें हैं, जिनमें से 129 दुकानें शराब की चालू हो चुकी हैं. वहीं, कुछ दुकानें विभाग जल्द चालू करने की बात कह रहा है. साथ ही नांगल राजावतान ग्राम पंचायत की शराब की दुकान के लिए अभी तक कोई बोली दाता विभाग के पास नहीं पहुंचा है.

Reporter- LAXMI AVATAR SHARMA