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डूंगरपुर: आदिवासी अंचल में अचानक बढ़ी आत्महत्याओं की घटनाएं, जांच में जुटी पुलिस

डूंगरपुर जिले में वर्ष 2017 से मई 2019 तक 189 लोग अलग-अलग कारणों से आत्महत्या कर चुके है. वहीं जनवरी 2019 से मई 2019 तक 40 लोग मौत को गले लगा चुके है.

डूंगरपुर: आदिवासी अंचल में अचानक बढ़ी आत्महत्याओं की घटनाएं, जांच में जुटी पुलिस
डूंगरपुर जिले को पिछड़े जिलों की श्रेणी में माना जाता है.

अखिलेश शर्मा/डूंगरपुर: प्रदेश के आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले में तनाव की धार से सांसों की डोर टूट रही है. जिले में युवाओ से लेकर बुजुर्ग भी अलग-अलग कारणों को चलते जिन्दगी से हारते हुए मौत को गले लगा रहे है. डूंगरपुर जिले में वर्ष 2017 से मई 2019 तक 189 लोग अलग-अलग कारणों से आत्महत्या कर चुके है. वहीं जनवरी 2019 से मई 2019 तक 40 लोग मौत को गले लगा चुके है. इधर आदिवासी अंचल में बढ़ रही आत्महत्याओं की घटनाएं हर किसी को बेचैन कर रही है.

डूंगरपुर जिले को पिछड़े जिलों की श्रेणी में माना जाता है, लेकिन इस पिछले जिलों में लोग जल्द ही तनावग्रस्त हो रहे है, इसी के चलते मौत को गले लगा रहे है. जानकार बताते है की किसी भी व्यक्ति की जिन्दगी में तनाव, जिम्मेदारी और आर्थिक कारण ये तीन बड़े कारण होते है और इन कारणों से व्यक्ति आत्महत्या जैसे कदम उठाते है.  वर्ष 2019 की बात करें तो जनवरी से लेकर मई माह तक 40 लोगों ने अलग-अलग कारणों के चलते मौत को गले लगाया है. कुछ मामले में तो पुलिस तक पहुंचते ही नहीं है. तनाव व अवसाद की पैनी धार कई युवा जिंदगियों की सांसों की डोर तोड़ रही है. वहीं पिछले दो सालो की बात करे तो डूंगरपुर जिले में वर्ष 2017 में 74 लोग व वर्ष 2018 में 75 लोगो ने आत्महत्याए करते हुए अपनी जीवन लीला समाप्त की थी. 

जिले में बढ़ रही आत्महत्याओं की घटनाये सभी के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. हालाकि डूंगरपुर पुलिस इन घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रयास भी कर रही है. पुलिस विभाग की ओर से जिले की स्कूलों व कॉलेजो में प्रत्येक मंगलवार को जहा वत्सल वार्ता का आयोजन कर खासकर स्कूली बच्चो को इसके लिए जागरूक किया जा रहा है. जिसमे उन्हें बताया जा रहा है यदि उन्हें किसी बात को तनाव हो तो वे उस बात को अपने मित्र, परिवार जन या पुलिस से शेयर करे ताकि उस समस्या का समाधान हो और व्यक्ति उस तनाव के चलते कोई गलत कदम न उठाए.

वही प्रत्येक शुक्रवार को थाना स्तर पर आयोजित होने वाली सीएलजी की बैठको में भी इस तरह की घटनाओ पर रोक लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है. बहराल, डूंगरपुर जिले में बढती आत्महत्या की घटनाओं को लेकर एक और जहा पुलिस विभाग चिंतित है. वहीं आमजन के मन में भी बार-बार यही सवाल उठ रहा है की आखिर ऐसे क्या हालात बन रहे है की लोग मौत से भी नहीं डर रहे हैं. पुलिस विभाग इन घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रयास जरुर कर रहा है लेकिन इस बारे में घर के प्रत्येक व्यक्ति को सोचने व सजग रहने की भी आवश्यकता है.