मेवाड़ राजपरिवार में 37 साल से चल रहे संपत्ति विवाद का अंत, कोर्ट ने सुनाया यह फैसला

मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के बीच पिछले 37 वर्षों से चले आ रहे संपति विवाद का आज अंत हो गया. 

मेवाड़ राजपरिवार में 37 साल से चल रहे संपत्ति विवाद का अंत, कोर्ट ने सुनाया यह फैसला
कोर्ट ने कहा कि हस्तांतरित हुए तमाम संपत्तियों के लाभांश में सभी को हिस्सा मिलेगा.

अविनाश जगनावत, उदयपुर: मेवाड़ राजवंश परिवार के बीच लंबे समय से चल रहे संपत्ति विवाद के मामले पर आज न्यायालय बड़ा फैसला सुनाया है. उदयपुर एडीजे कोर्ट संख्या-2 ने फैसला सुनाते हुए पूर्व राजपरिवार के सदस्य और वादी महेंद्र सिंह मेवाड़ के बंटवारे दावे पर डिक्री को पारित कर दिया. 

साथ ही न्यायालय ने महेंद्र सिंह मेवाड़ और अरविन्द सिंह मेवाड़ की बहन योगेश्वरी कुमारी को भी संपति में हिस्सेदार मानते हुए पूरी संपत्ति के चार हिस्से करने का आदेश दिया है. न्यायालय ने वादग्रस्त संपत्तियों पर व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने का भी आदेश जारी कर दिया है. 

पेश है मेवाड़  राजवंश के संपत्ति विवाद पर आए फैसले पर ज़ी मीडिया की यह रिपोर्ट-
मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के बीच पिछले 37 वर्षों से चले आ रहे संपति विवाद का आज अंत हो गया. संपत्ति विवाद मामले पर आज एडीजे कोर्ट टू के पीठासीन अधिकारी एम.के.दवे ने फैसला सुनाया. कोर्ट ने वादग्रस्त संपत्तियों पर फैसला संयुक्त हिंदू परिवार की संपत्ति के दायरे में मानते हुए सुनाया, जिसमें कोर्ट ने वादी महेंद्र सिंह के पिता महाराणा भवत सिंह, महेंद्र सिंह मेवाड़, अरविंद सिंह मेवाड़ और योगेश्वरी कुमारी के बीच वादग्रस्त तमाम संपत्ति का बराबर बराबर बंटवारा करने का आदेश दिया. करीब 575 पृष्ठ के इस फैसले में कोर्ट ने वादी महेंद्र सिंह मेवाड़ के बंटवारे दावे पर डिक्री को पारित कर दिया. इसके साथ ही कोर्ट ने निजी कम्पनियों को हस्तांतरित हुए संपत्तियों को छोड़ तमाम वादग्रस्त संपत्तियों पर होने वाली व्यवसायिक गतिविधियां तुंरत प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किए. 

शंभुनिवास पैलेस को लेकर भी सुनाया फैसला 
कोर्ट ने कहा कि हस्तांतरित हुए तमाम संपत्तियों के लाभांश में सभी को हिस्सा मिलेगा. अपने फैसले में न्यायालय ने राज परिवार का निवास स्थान माने जाने वाला शंभुनिवास पैलेस को लेकर भी फैसला बड़ा फैसला सुनाया, जिसमें कोर्ट ने शंभुनिवास में चार-चार साल के लिए सभी वारिसान को रहने के आदेश दिए हैं, जिसमें पहला हक राज परिवार के वरिष्ठ सदस्य महेंद्र सिंह मेवाड़ का होगा, वहीं इसके बाद अगले 4 वर्ष उनकी बहन योगेश्वरी कुमारी वहां पर रहेंगी और फिर 4 वर्ष वर्तमान में शंभूनिवास में रहे अरविंद सिंह निवास करेंगे.

बहन योगेश्वरी कुमारी ने भी संपत्ति में किया दावा
मेवाड़ के पूर्व राज परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति का यहा विवाद महाराणा भगवत सिंह के निधन के बाद शुरू हुआ. वर्ष 1983 में महाराणा भगवत सिंह के वरिष्ठ पुत्र ने संपत्ति में बटवारे का दावा कोर्ट में पेश किया. इसके बाद महेंद्र सिंह की बहन योगेश्वरी कुमारी ने भी संपत्ति में अपने हिस्से के लिए दावा पेश किया था. योगेश्वरी कुमारी के वकील की मानें तो न्यायालय ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया था लेकिन अंतिम फैसले में उन्हें भी संपत्ति का वारिस मानते हुए बराबर हिस्सा देने का फैसला सुनाया.

न्यायालय का फैसला आने के बाद जहां महेंद्र सिंह मेवाड़ और उनके परिवार के सदस्यों ने कोर्ट के इस फैसले पर खुशी जताते हुए इसका स्वागत किया है लेकिन साढ़े तीन दशक से भी अधिक समय तक चले इस विवाद पर कोर्ट ने फैसला सुना खत्म कर दिया लेकिन 90 दिन के भीरत एडीजे कोर्ट संख्या टू के इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की जा सकती है.