हर 40 सेकेंड पर विश्व में होती है एक आत्महत्या, भारत में पुरुषों की संख्या सर्वाधिक

डॉ. सोलंकी ने बताया कि आत्महत्या करने वाले 90 फीसदी लोग मानसिक बीमारियों से पीड़ित थे.

हर 40 सेकेंड पर विश्व में होती है एक आत्महत्या, भारत में पुरुषों की संख्या सर्वाधिक
आत्महत्या के मामले महिलाओं की तुलना में पुरूषों के मामले 3 फीसदी ज्यादा है.

आशुतोष शर्मा/जयपुर: विश्‍व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर सोमवार को सवाई मानसिंह चिकित्सा महाविद्यालय के मनोचिकित्सा विभाग की ओर से जन जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान मनोचिकित्सा केंद्र के ओपीडी ब्लॉक स्थित वेटिंग हॉल में मनोचिकित्सकों ने लोगों को समाज में बढ़ रही आत्महत्या की प्रवृत्ति और रोकथाम के बारे में लोगों जागरूक किया.

इस दौरान अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरके सोलंकी ने बताया कि प्रत्येक 40 सेकंड में विश्व में कहीं ना कहीं एक व्यक्ति आत्महत्या कर रहा है. इनमें से 25 प्रतिशत आत्महत्याएं अकेले भारत में होती है. 10 वर्षों में विश्व में होने वाली कुल आत्महत्याओं में से राजस्थान में लगभग 48 हजार से ज्यादा लोगों नेआत्महत्या की. इसमें पुरुष की संख्या अधिक है. जो एक चौकाने वाला तथ्य है.

डॉ. सोलंकी ने बताया कि आत्महत्या करने वाले 90 फीसदी लोग मानसिक बीमारियों से पीड़ित थे. जबकि कई मामलों में पारिवारिक क्लेश सहित दूसरी समस्याएं भी कारण बनी. इसके अलावा उन्होंने बताया कि महिलाओं में डिप्रेशन पुरूषों की तुलना में 3 फीसदी ज्यादा होता है. जबकि आत्महत्या के मामले महिलाओं की तुलना में पुरूषों के मामले 3 फीसदी ज्यादा है.

डॉ. आरके सोलंकी ने बताया कि आजकल रिजल्ट के दौरान छात्रों में भी इस तरह के अवसाद देखने को मिलते हैं. जो जरा सी नाकामी के चलते आत्महत्या का प्रयास कर लेते हैं. ऐसे में पारिवारिक लोगों की जिम्मेदारी बताते हुए उन्होंने कहा कि पीड़ित के साथ ज्यादा से ज्यादा संवाद किया जाना चाहिए ताकि उनका डिप्रेशन खत्म हो. बच्चों की खामोशी को भी नजर अंदाज नहीं किया जाना चाहिए. समय रहते मनोरोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए.

आपको बता दें कि राजस्थान में बीते दस सालों में यानि कि वर्ष 2007 से 2017 के बीच प्रदेश में 34 हजार 249 पुरुषों, 14 हजार 719 महिलाओं और 01 ट्रांसजेंडर यानि 48 हजार 969 लोगों ने राजस्थान में खुदखुशी की है.