आगामी बजट की तैयारियों में जुटा वित्त विभाग, कम खर्च में अधिक योजनाओं के प्लान होंगे तैयार

वित्त विभाग ने विभागों को बजट अनुमान तैयार करते समय कोरोना महामारी के कारण राज्य के वित्तीय संसाधनों पर पड़ने वाले असाधारण प्रभाव का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं.

आगामी बजट की तैयारियों में जुटा वित्त विभाग, कम खर्च में अधिक योजनाओं के प्लान होंगे तैयार
फाइल फोटो

विष्णु शर्मा, जयपुर: राज्य का वित्त विभाग में प्रदेश के आगामी बजट की तैयारियां कर रहा है. वित्त विभाग ने विभागों को बजट अनुमान तैयार करते समय कोरोना महामारी के कारण राज्य के वित्तीय संसाधनों पर पड़ने वाले असाधारण प्रभाव का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं. साथ ही नई योजनाओं के बजाय वर्तमान में चल रहे प्राेजेक्ट में खर्च की जाने वाली राशि तथा केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं को बजट प्रस्तावों में रखने की सलाह दी है.

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कोरोना महामारी के कारण देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही राजस्थान के आर्थिक हालात पर भी जबरदस्त प्रभाव पड़ा है. बुरी तरह से प्रभावित हुए वित्तीय संसाधनों का प्रभाव राज्य के आगामी बजट पर भी पड़ेगा. सरकार काे जनता को राहत देने के साथ राज्य की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करना है. ऐसे में बजट में वित्त विभाग कम खर्च में अधिक योजनाओं की तैयारी कर रहा है. विभागीय अधिकारियों से भी कहा गया है कि वो विभागों के बजट प्रस्ताव तैयार करते समय आय और व्यय का वास्तविक आंकलन करें. वित्त विभाग की ओर से विभागों के बजट नियंत्रण अधिकारियों को समय समय पर सर्कुलर और दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं. इन दिशा निर्देशों के आधार पर ही बजट प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. इधर प्लानिंग डिपार्टमेंट ने भी अलग-अलग विभागों की योजनाओं की समीक्षा के लिए 21 अक्टूबर से 3 नवम्बर तक बैठक बुलाई है.
 
- बजट अनुमान प्रस्तुत करने से पहले वर्तमान में संचालित सभी योजनाओं, कार्यक्रमों के खर्चों का विस्तृत अध्ययन, परीक्षण किया जाए.
- ऐसे कार्यक्रम, योजनाएं जिनकी उपयोगिता समाप्त हो गई या भारत सरकार ने योजना बंद कर दी, उनकी बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है तो नए कार्यक्रम में विलय कराएं.
-  बजट अनुमानों में उन योजनाओं को शामिल किया जाए जिनके लिए भारत सरकार तथा अन्य संस्थाओं के स्पष्ट संकेत मिल गए हों.
- बजट प्रावधान में ऐसी परियोजनाओं को प्राथमिकता देने के लिए कहा है जिनमें 50 प्रतिशत राशि खर्च हो चुकी है.
- बजट मदों में निर्धारित फंडिंग पैटर्न के अनुसार राज्य तथा केंद्र राशि का प्रावधान करने के लिए कहा गया है.
- अनावश्यक खर्च और एकमुश्त प्रावधान के प्रस्ताव नहीं भेजने के लिए कहा गया है.
- किसी भी मामले में अतिरिक्त राशि की मांग पूरी नहीं करने की बात कही है जब तक दूसरे मामले में उस राशि की बचत नहीं हो.
- सहायतार्थ अनुदान, अंशदान, सब्सिडी के लिए केवल योजनाओं के तहत ही बजट प्रावधान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.
- जेंडर बजट, एससीएसपी और टीएसपी योजना में नियमानुसार बजट प्रावधान किए जाएं.
- बजट नियंत्रण अधिकारियों की सहायता के लिए सचिवालय में वित्त विभाग में हेल्प लाइन डेस्क बनाई गई.
- इस हेल्प लाइन डेस्क से फोन या ईमेल के जरिए सम्पर्क किया जा सकता है.

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