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सीकर: पंचतत्व में विलीन हुए राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष मदनलाल सैनी

मदन लाल सैनी के पार्थिव शरीर को सोमवार रात जयपुर लाया गया और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भाजपा के राज्य कार्यालय में मंगलवार सुबह 7.30 बजे से सुबह 10 बजे तक रखा गया.

सीकर: पंचतत्व में विलीन हुए राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष मदनलाल सैनी
सीकर में उनके पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया.

सीकर: भारतीय जनता पार्टी के नेता और राजस्थान बीजेपी प्रमुख मदनलाल सैनी को सीकर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. इस मौके पर बीजेपी के सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. बता दें कि फेफड़ों में संक्रमण के बाद पिछले सप्ताह नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती हुए सैनी का सोमवार को निधन हो गया था. वे 75 वर्ष के थे. 

मदनलाल सैनी के पार्थिव शरीर को सोमवार रात जयपुर लाया गया और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भाजपा के राज्य कार्यालय में मंगलवार सुबह 7.30 बजे से सुबह 10 बजे तक रखा गया. सीकर में उनके पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया. पार्टी कार्यालय से उनके गांव तक जाने के लिए सुबह 10 बजे शव यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. शव यात्रा में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, भाजपा विधायक सतीश पुनिया, कांग्रेस के राज्य मंत्री रघु शर्मा, प्रताप सिंह खाचरियावास शामिल रहें.

गौरतलब है कि राजस्थान में मदनलाल सैनी की गिनती पार्टी में निचले स्तर से प्रदेश अध्यक्ष के पद तक पहुंचने वाले एक स्वच्छ और जुझारू राजनेता के तौर पर होती थी. राजनीति से जुड़े लोगों का कहना है मदनलाल सैनी को कि पार्टी के प्रति निष्ठा, सादगी, जमीनी पकड़ की वजह से जाना जाता था. फार्च्यूनर, सफारी और लावलश्कर के साथ चलने वाले फोकस वाले नेताओं के दौर में मदनलाल सैनी वो नेता थे जो राजस्थान रोडवेज की बस से चला करते थे.

मदनलाल सैनी वो नेता थे जो चौमू सर्कल से पैदल प्रदेश कार्यालय पहुंचा करते थे. मदनलाल सैनी मूलत: सीकर जिले की मालियों की ढाणी के रहने वाले थे. सैनी ने साल 1990 में अपना पहला चुनाव उदयपुरवाटी विधानसभा क्षेत्र से लड़ा था और विजयी रहे थे. उसके बाद वह 1991 में एक साल भाजपा के झुंझुनूं जिलाध्यक्ष रहे. बाद में ओमप्रकाश माथुर के अध्यक्ष काल में प्रदेश महामंत्री रहे. मदनलाल सैनी बेहद साधारण जीवन शैली अपनाने वाले नेताओं में से एक थे.

वहीं लोकसभा चुनाव की बात करें तो मदन लाल सैनी ने दो बार लोकसभा चुनाव में भी भाग्य आजमाया था, लेकिन वह असफल रहे थे. हालांकि वह लंबे समय तक बीजेपी अनुशासन समिति के अध्यक्ष रहे हैं. साथ ही मदन लाल सैनी भाजपा किसान मोर्चे के प्रदेशाध्यक्ष भी थे. वहीं मदन लाल सैनी के परिवार की बात करें तो उनके पांच पुत्रियां और एक पुत्र है. पुत्र मनोज सैनी पेशे से वकील हैं जो हाईकोई में वकालत करते हैं.