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राजस्थान में 10 फीसदी सवर्ण आरक्षण लागू होने के बाद बुझ सकती है गुर्जर आरक्षण की आग

राजस्थान में एक बार फिर से आरक्षण की आंधी चलने लगी है. इस बार ये आंधी 50 फीसदी दायरे में नहीं सिमटी, बल्कि ये आरक्षण की आग 50 फीसदी दायरे के उपर चली गई है.

राजस्थान में 10 फीसदी सवर्ण आरक्षण लागू होने के बाद बुझ सकती है गुर्जर आरक्षण की आग
फाइल फोटो

जयपुर/ आशीष चौहान: राजस्थान में गुर्जर आरक्षण की आग खत्म होने का नाम नहीं ले रही. एक तरफ महापंचायत ने आंदोलन की तैयारी और तेज कर दी, वहीं दूसरी और अभी तक सरकार और गुर्जरों के बीच कोई वार्ता नहीं हुई है. लेकिन सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण मिलने के बाद अब राजस्थान में गुर्जरों की राह भी आसान हो सकती है, क्योंकि आरक्षण का दायरा बढ़ने के बाद में गुर्जरों को भी इसका फायदा मिल सकेगा. फिलहाल 50 प्रतिशत आरक्षण का दायरा है, लेकिन सवर्णों का 10 फीसदी आरक्षण लागू होने के बाद राजस्थान में आरक्षण का दायरा बढकर 60 फीसदी तक पहुंच जाएगा. ऐसे में गुर्जरों को 5 फीसदी आरक्षण का फार्मूला लागू हो सकेगा.

जिस कारण राजस्थान में एक बार फिर से आरक्षण की आंधी चलने लगी है. इस बार ये आंधी 50 फीसदी दायरे में नहीं सिमटी, बल्कि ये आरक्षण की आग 50 फीसदी दायरे के उपर चली गई है, जिस 50 फीसदी के उपर कोर्ट ने हर बार रोक लगाई, उसी आरक्षण की मांग अब गुर्जर समाज करने लगा है. वजह सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण की घोषणा के बाद अब आरक्षण का दायरा 10 फीसदी और बढ़ गया है. सवर्णों के आरक्षण के भरोसे गुर्जर भी अपने हाथ से मौका नहीं गवाना चाहते, इसलिए राजस्थान में आरक्षण की आग एक बार फिर से गुर्जर समाज उगलने लगा है. लेकिन गुर्जरों को आरक्षण देने से पहले राजस्थान में सवर्ण आरक्षण लागू करना ही होगा नहीं तो आरक्षण का दायरा बढ़ नहीं पाएगा और इसी तरह आरक्षण की आग बढती रहेगी. गुर्जर आंदोलन के मुखिया किरोड़ी सिंह बैंसला वैसे भी कह चुके है कि "इस बार वे सिर पर पगड नहीं,बल्कि कफन बांधकर आया हूं."

9 दिन के बाद आंदोलन की चेतावनी के बाद राजस्थान में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री मास्टर भवंरलाल मेघवाल ने कहा है कि "जल्द ही गुर्जर समाज से वार्ता करेंगे. उन्होंने उल्टा केंद्र सरकार से मांग की है कि जिस तरह से केंद्र सरकार ने 10 फीसदी आरक्षण सर्वणों को दिया है, उसी तरह राजस्थान में गुर्जरों को 5 फीसदी आरक्षण लागू करे. गुर्जरों को नवी अनुसूची में शामिल करते हुए आरक्षण का फायदा दे."उन्होने ये भी कहा है कि राजस्थान में सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण लोकसभा चुनाव से पहले मिलेगा.इससे पहले विधानसभा में अशोक गहलोत ने सवर्णों के आरक्षण का ऐलान कर दिया है.'

दूसरी महापंचायत नैनवां केे हाडौती क्षेत्र में 1 फरवरी को होगी. वहीं 5 फरवरी को अजमेर और दौसा में 13 फरवरी को पंचायत होगी. यानि 14 फरवरी से गुर्जर आंदोलन पर उतर आएंगे. ऐसे में क्या लोकसभा चुनाव से पहले सवर्ण आरक्षण राजस्थान में लागू हो पाएगा. यदि सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण मिला तो गुर्जरों की राह और आसान हो जाएगी.