पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों को देश छोड़ने के नोटिस पर गृह मंत्रालय की रोक

 पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों को देश छोड़ने के नोटिस पर गृह मंत्रालय दखल देते हुए इस पर रोक लगा दी है. जोधपुर के 6 सदस्यों को CID ने पाकिस्तान जाने के लिए नोटिस जारी किया था.

पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों को देश छोड़ने के नोटिस पर गृह मंत्रालय की रोक
19 नवंबर का भारत छोड़ो नोटिस इस परिवार के लिए किसी मौत के फरमान से कम नहीं था.

जोधपुर/नई दिल्ली: पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों को देश छोड़ने के नोटिस पर गृह मंत्रालय दखल देते हुए इस पर रोक लगा दी है. जोधपुर के 6 सदस्यों को CID ने पाकिस्तान जाने के लिए नोटिस जारी किया था. 6 साल पहले पाकिस्तान में जुल्मों सितम से परेशान होकर एक हिंदू परिवार पाकिस्तान से आकर भारत में बस गया था. 6 साल बीत जाने के बाद इस हिंदू परिवार को हिंदुस्तान अपना नहीं पाया है. सरकार ने वीजा एक्सटेंशन और नागरिकता के नाम पर इन लोगों को लटकाए रखा. लेकिन अब 19 सदस्यों वाले इस परिवार के 6 लोगों को गहलोत सरकार वापस पाकिस्तान जाने के लिए कह रही है. 

19 नवंबर का भारत छोड़ो नोटिस इस परिवार के लिए किसी मौत के फरमान से कम नहीं था. वीजा नियमो का उलंघन पर तत्काल प्रभाव से भारत छोड़ने का सीआईडी ने नोटिस दिया.  इसके बाद जब पीड़ित परिवार ने जिला कलेक्टर, सीआईडी, सांसद से गुहार लगाई। इस मुद्दे को ज़ी मीडिया ने भी प्रमुखता से प्रसारित किया. गृह मंत्रालय ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए पीड़ित परिवार को सीआईडी पुलिस अधीक्षक जोधपुर के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए हैं. फिलहाल पीड़ित परिवार की अर्जी पर गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद अब सीआईडी एसपी आगे की कार्रवाई में जुटे हैं. अब पीड़ित परिवार के 6 लोगो को वापस पाकिस्तान भेजने की कार्रवाई फिलहाल नहीं होगी. पीड़ित परिवार ने जनप्रतिनिधि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री, केंद्र सरकार, सीमा जान कल्याण समिति  व जिला कलेक्टर का भी आभार जताया. 

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पाकिस्तान से आए हिंदुओं पर जुल्म क्यों? 
पाकिस्तान के जुल्मों सितम से परेशान होकर जब ये हिंदू परिवार भारत आया था. उन्हें लगा कि भारत में बसने के बाद उनकी मुश्किलें खत्म हो गई हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ. खुद इन्हीं से सुनिये कि पाकिस्तान में जिस तरह से इनपर जुल्म हुआ था. क्या अब ये कभी वहां वापस जाना चाहेंगे?बांग्लादेशी घुसपैठियों को निकालने के खिलाफ कांग्रेस नेता आवाज बुलंद करने लगते हैं लेकिन जब बात पाकिस्तान से आए हिंदू विस्थापितों की होती है तो वो इसे कानूनी दांव पेच में फंसा देते हैं. वो भी तब जब ये बात सबको पता है कि दुनिया में हिंदुओं का कोई दूसरा देश नहीं है  और केन्द्र सरकार हिंदू शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने के लिए कानून बनाने वाली है.