कोरोना में मदद के लिए आगे आए भामाशाह, चौमूं की सुमन रोज बना रहीं 200 लोगों का खाना

सुमन की बेटी कनिष्का बताती है कि देश की परिस्थिति अभी ठीक नहीं है. ऐसे में सबको एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए.

कोरोना में मदद के लिए आगे आए भामाशाह, चौमूं की सुमन रोज बना रहीं 200 लोगों का खाना
ये भोजन बनाने के लिए सुमन सहित परिवार के सभी लोग जुटे हुए हैं.

प्रदीप सोनी, चौमूं: देश में कोरोना वायरस ने कोहराम मचा रखा है. कोरोना से लड़ने लिए पूरा देश लॉकडाउन है और इस समय हर व्यक्ति को घर में रहने के निर्देश  हैं. लोग अपने घरों में ही दुबके हुए हैं. कामकाज लोगों का ठप हो गया है.

इस समय सोशल डिस्टेंसिंग रखना भी बेहद जरूरी है, तभी हम कोरोना वायरस पर जीत हासिल कर पाएंगे. वहीं, जो गरीब और जरूरतमंद लोग हैं, उन तक भोजन पहुंचाने के लिए एक और प्रशासन ने व्यवस्था की है और इसको लेकर चौमूं कस्बे में एक अग्रवाल परिवार की महिला ने अनूठी मिसाल पेश की है.

दरअसल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल की पत्नी सुमन अग्रवाल प्रतिदिन 200 पैकेट खाने के तैयार करती हैं. ये भोजन बनाने के लिए सुमन सहित परिवार के सभी लोग जुटे हुए हैं. बेटी, देवरानी भी इस काम में सुमन का हाथ बंटा रही हैं. 

सुमन बताती है कि विधायक रामलाल शर्मा की प्रेरणा से ये काम घर मे शुरू किया है. जब तक मदद हो पाएगी तब तक मैं लोगों को भोजन बनाकर दूंगी तांकि शहर में कोई आदमी भूखा नहीं सोए हालांकि मेरे पास भोजन बांटने वाला कोई नहीं है. इसलिए मैं भोजन बनाकर विधायक रामलाल शर्मा की टीम को देती हूं. वे शहर में बांटने का काम कर रहे हैं. सुमन की बेटी कनिष्का बताती है कि देश की परिस्थिति अभी ठीक नहीं है. ऐसे में सबको एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए.