राजस्थान: मोदी सरकार के बजट 2019 को बीजेपी नेताओं ने सराहा, कांग्रेस ने नकारा
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राजस्थान: मोदी सरकार के बजट 2019 को बीजेपी नेताओं ने सराहा, कांग्रेस ने नकारा

05 जुलाई को संसद में बजट पेश होने के बाद प्रदेश के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

राजस्थान: मोदी सरकार के बजट 2019 को बीजेपी नेताओं ने सराहा, कांग्रेस ने नकारा

जयपुर: मोदी सरकार के 2019 के बजट (Budget 2019) की घोषणा के बाद राजस्थान के बीजेपी नेताओं ने इसे आम लोगों के हितों के लिए तैयार किया हुआ बजट बताया. वहीं, प्रदेश के सीएम समेत कांग्रेस के नेताओं ने इसे किसानों के साथ छल बताया है.

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट पर बीजेपी सांसद रामचरण बोहरा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. बोहरा ने कहा है कि मोदी सरकार ने गांव गरीब, किसानों का हित वाला बजट पेश किया है. जिसमें युवाओं को रोजगार, व्यापारियों के लिए भी विशेष ध्यान दिया गया है. उन्होंने कहा, ''बजट में वित्त मंत्री ने पूर्ण रुप से 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने पर फोकस रहेगा.''
 
वहीं, चित्तोड़गढ सांसद सीपी जोशी ने कहा है कि बजट से यह साफ हो गया है कि मोदी सरकार में अब विकास की रफ्तार बढ़ेगी. इसके साथ ही शहरों के समान गांवों तक में हर घर बिजली, पानी, मकान के अलावा रोजगार और शिक्षा पर खास ध्यान दिया जाएगा.

उन्होंने कहा, ''मूलभूत सुविधाओं के मानक इस बार दूसरी तरह गढ़े गए. साथ ही रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा के साथ साथ पानी, बिजली, रोजगार भी समाज के हर तबके को इस बजट में तवज्जो दी गई.''

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि यह ऐतिहासिक बजट है. आधार कार्ड को पैन कार्ड से लिंक करके ग्रामीण भारत को बड़ी राहत मिली है. गांव के लोगों के लिए पैन कार्ड और तकनीकी चीजों को समझना मुश्किल था. बेनीवाल ने कहा कि वे सदन में मांग करेंगे कि बजट में पूरे भारत को टोल मुक्त करने का भी प्रावधान किया जाए. रोड टैक्स और टोल की दोहरी मार जनता पर पड़ रही है. 

वहीं, सीएम गहलोत समेत कांग्रेस सरकार के मंत्री और पदाधिकारी बजट को नाकाफी बताते हुए मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं. मंत्री सुभाष गर्ग ने इस बजट को निराशाजनक बताया. उन्होंने कहा कि बजट से किसानों, स्टूडेंट्स को निराशा हाथ लगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केवल भाषण पढ़ा. 

गर्ग ने सौ लाख करोड़ की इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि इस योजना से लगता है कि 10 साल की योजना है. जबकि बजट 1 साल के लिए बनाया जाता है. गर्ग ने कहा, ''निर्मला जी से उम्मीद थी कि वे अर्थशास्त्र की ज्ञाता के तौर पर बजट पेश करेंगी. लेकिन ऐसा लगा कि उन्होंने लिखा हुआ भाषण पढ़ा.'' 

स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बजट को महंगाई बढ़ाने वाला और निराशाजनक बताया. उन्होंने कहा, ''इतने प्रचंड बहुत वाली सराकर के बजट ने जनता को निराश किया है.''

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