कोटा में सर्दी ने बढ़ाई रैन बसेरों में बढ़ी भीड़, लोग सड़कों पर सोने को मजबूर

शहर के तमाम रैन बसेरों में भीड़ इतनी बढ़ गई है कि कई गरीब और बेघर लोग सड़कों पर सोने को मजबूर हैं.  

कोटा में सर्दी ने बढ़ाई रैन बसेरों में बढ़ी भीड़, लोग सड़कों पर सोने को मजबूर
लोग रैन बसेरे के बहार खुले आसमान के नीचे अपनी रातें गुजार रहे हैं.

कोटा: राजस्थान में सर्दी का सितम अपने चरम पर है. आलम ये है कि ठंढ़ के कारण लोग अपने घरों में दूबके रहने को मजबूर है. इसी कड़ी में शहर के तमाम रैन बसेरों में भी बेघर लोगों की भीड़ उमड़ गई है. वहीं, सभी रैन बसेरों में लोगों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि कई गरीब और बेघर लोग सड़कों पर सोने को मजबूर हैं.  
 
ऐसा नहीं है कि शहर में नगर निगम ने बेघरों के लिए कोई इंतजाम नहीं किए. बाकायदा शहर में नगर निगम ने एक दर्जन रैन बसेरे खोले हैं लेकिन उनके हालात ये हैं की वो पूरी तरह नाकाफी हैं. खचाखच भरे हुए जितने लोग रेन बसेरे में हैं उससे कहीं ज्यादा लोग रैन बसेरे के बहार खुले आसमान के नीचे अपनी रातें गुजार रहे हैं. 

गौरतलब है कि हाल ही में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सर्दी में खुले में रहकर अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहे लोगों को बड़ी राहत दी है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर कोटा के घोड़े वाला बाबा चैराहे पर मुख्य मार्ग पर आधुनिक रैन बसेरा शुरू किया गया है.

लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला की इस पहल से बेघर गरीब मजदूरों को कोटा में आधुनिक रैनबसेरे का सहारा मिलेगा. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने जन सहयोग से इस आधुनिक रैन बसेरे का निर्माण करवाया है, जो कि पूरी तरह से आधुनिक है. इस रैन बसेरे को फाइवर से बनवाया गया है. इस आधुनिक रैनबसेरे में आने वाले लोगो को भोजन, कपड़े और सोने के लिए साफ़ बिस्तर दिए जायेंगे. साथ ही, जो भी बीमार लोग यहां आयेंगे उनके चैकअप का इंतजाम भी यहां किया गया है.

वहीं, अब शहर के सभी रैनबसेरों की जगह नाकाफी है गई है. हालांकि, नगर निगम ने भी इन लोगों के लिए और इंजताम करने की बात रहा है. अब देखना ये हैं कि नगर निगम सड़क पर रात गुजार रहे लोगों के लिए कब कदम उठाता है.