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जयपुर: दूसरे दिन भी मदरसा पैराटीचर्स का धरना जारी, स्कूल में नियमित करने की है मांग

राजस्थान में वर्ष 2007 में संविदा पर मदरसा में पैराटीचर्स नियुक्त किए गए थे. इनके साथ ही प्रबोधक और तीन अन्य श्रेणी के कर्मचारी संविदा पर लगाए गए थे.

जयपुर: दूसरे दिन भी मदरसा पैराटीचर्स का धरना जारी, स्कूल में नियमित करने की है मांग
प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि सीएम नियमित करने पर सहमत हैं, लेकिन समय सीमा नहीं बताई.

जयपुर/ विष्णु शर्मा: नियमित करने सहित अन्य मांगों को लेकर शिक्षा स्कूल पर राजस्थान मदरसा पैराटीचर्स का धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा. प्रदेशभर से हजारों की तादाद में आए मदरसा पैराटीचर्स के एक प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की. मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रतिनिधि मंडल को मदरसा पैराटीचर्स को जल्द नियमित करने का आश्वासन दिया, लेकिन समय सीमा नहीं बताई. वहीं पैराटीचर्स की अन्य मांगों पर असहमति जताई. इधर पैराटीचर्स आंदोलन पर आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं. 

राजस्थान में वर्ष 2007 में संविदा पर मदरसा में पैराटीचर्स नियुक्त किए गए थे. इनके साथ ही प्रबोधक और तीन अन्य श्रेणी के कर्मचारी संविदा पर लगाए गए थे. इसके बाद से पैराटीचर्स नियमतिकरण की मांग करते आ रहे हैं. इसके साथ ही नियमित होने तक 25 हजार मानदेय देने और पैराटीचर्स का सेवा नियम बनाने की मांग की जा रही है. इधर पैराटीचर्स ने अपनी मांगों को लेकर 22 जुलाई से बहिष्कार कर रखा. वहीं 29 जुलाई को पैराटीचर्स कूच कर जयपुर आ गए. मदरसा पैराटचर्स दो दिन से शिक्षा संकुल में धरना जमाए हुए हैं. मदरसा पैराटीचर्स का एक प्रतिनिधि मंडल आदर्श नगर विधायक रफीक खान के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचा. प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि सीएम नियमित करने पर सहमत हैं, लेकिन समय सीमा नहीं बताई. अन्य मांगों पर मुख्यमंत्री ने असहमति जताई है कि उनकी मांग को देखते हुए अन्य संगठन भी मांगे करने लगेंगे.

शिक्षा स्कूल में धरने पर जुटे मदरसा पैराटीचर्स में महिलाएं भी शामिल हैं. महिला मदरसा पैराटीचर्स भी अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ धरने पर आई हैं. तेज उमस और गर्मी के बीच महिला पैराटीचर्स के साथ ही बच्चे भी परेशान हो रहे हैं. पैराटीचर्स का कहना है कि हमे मुख्यमंत्री से न्याय की उम्मीद है, लेकिन वो भी हमारी नहीं सुन रहे हैं, ऐसे में हम कहां जाएं. सरकार को हमारे बच्चों को देखते हुए मांगे माननी चाहिए. 

प्रतिनिधि मंडल के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलने के बाद पैराटीचर्स ठगे से महसूस कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने नियमित करने का भरोसा दिलाया है, लेकिन समय सीमा नहीं बताई. ऐसे में मदरसा टीचर्स का कहना है कि बरसों से नेता और अन्य अधिकारी नियमित करने का आश्वासन देते आ रहे हैं, लेकिन मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है. ऐसे में अब आंदोलन को उग्र करने के सिवाय कोई चारा नहीं है.