close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

जयपुर: नगर पालिका और ठेकेदार की मनमानी का शिकार हुआ बगरु का रैन बसेरा

नगर पालिका बगरु और एक ठेकेदार की कारगुजारी के चलते आमजन की सुविधा के लिए लाखों के खर्च से बन रहा आमजन सुविधा केंद्र आज भी अधूरा पड़ा है.

जयपुर: नगर पालिका और ठेकेदार की मनमानी का शिकार हुआ बगरु का रैन बसेरा
तीन साल गुजर जाने के बाद भी अधूरा पड़ा भवन सरकारी तंत्र की मदद की बाट जोह रहा है.

सुनील जांगिड/बगरू: प्रदेश की राजधानी जयपुर के बगरु नगर पालिका प्रशासन एक ठेकेदार की मनमानी के आगे हार गया जिससे आमजन की सुविधा के लिए लाखों रुपये खर्च बनाया जा रहा रैन बसेरा भवन आज भी अधूरा पड़ा है. साथ अब वह असामाजिक तत्वों की शरणस्थली बन गया है. इस पूरे विवाद के पीछे नगर पालिका प्रशासन द्वारा ठेकेदार का भुगतान नहीं करना रहा है. 

नगर पालिका बगरु और एक ठेकेदार की कारगुजारी के चलते आमजन की सुविधा के लिए लाखों के खर्च से बन रहा आमजन सुविधा केंद्र आज भी अधूरा पड़ा है. जिससे हालात ये हो चले हैं की आम लोगों की सुविधा के लिए काम आने के बजाए असामाजिक तत्वों का ये अड्डा बन गया है. दरअसल नगर पालिका बगरु ने करीब तीन वर्ष पुर्व इस रैन बसेरे का निर्माण शुरु करवाया गया था. बगरु नगर पालिका द्वारा कस्बे के लिंक रोड पर एक रैन बसेरा भवन का निर्माण शुरू किया गया. राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान के एक हिस्से के खसरा नम्बर 4703 पर बिना भूमि अधिग्रहण किये निर्माण शुरू कर दिया गया और मामला विवादों मे घिर गया.

हालांकि बाद मे जनहित का मुद्दा बताकर जिला कलेक्टर द्वारा इस भूमि को रैन बसेरा निर्माण हेतु आवंटित करवा लिया गया. विद्यालय के खेल मैदान पर भवन निर्माण को लेकर आमजन द्वारा विरोध जारी रहा, लेकिन जनप्रतिनिधि व नगर पालिका प्रशासन इसके निर्माण पर अड़ा रहा. लेकिन विवादों ने इस भवन का पीछा फिर भी नहीं छोड़ा और ठेकेदार की बार-बार भुगतान को लेकर पालिका प्रशासन से ठनती रही जिससे काम कछुआ चाल से चलने लगा. कई बार तो बीच-बीच मे महिनों तक काम बन्द पड़ा रहा.

आज करीब तीन साल गुजर जाने के बाद भी अधूरा पड़ा भवन  सरकारी तंत्र की मदद की बाट जोह रहा है. अपने दिन फिरने की राह देख रहा है. वर्तमान मे भवन असामाजिक तत्वों की शरण स्थली बना हुआ है. निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही भवन का प्लास्टर कई जगह से उखड़ चुका है. नगर पालिका के कर्मचारियो को इतनी भी फुर्सत नहीं है कि वे इसके मुख्य द्वार पर ताला लगा सके. जिससे की इसे ओर किसी प्रकार के नुकसान से बचाया जा सके.

अगर समय पर इस भवन का निर्माण कार्य पूरा हो जाता तो ये भवन हजारों लोगों के लिए बहुपयोगी साबित होता. इस निर्माणाधीन भवन के पास कस्बे के सभी प्रमुख बैंक, ग्राम सेवा सहकारी समिति, उपतहसील, जलदाय विभाग कार्यालय व सरकारी अस्पताल स्थापित है. जहां रोजाना हजारों की तादाद मे लोगों का आना-जाना होता हैं. अमूमन रोजाना ही अपने कार्यो के लिये लोगो को बाहर बैठकर इंतज़ार करना पड़ता है. जिनको सर्दी, गर्मी व बरसात मे सिर छुपाने को छत मिल जाती सरकार के लाखों के रुपये का सदुपयोग हो जाता. पालिका प्रशासन की पक्ष-विपक्ष का हर स्तर पर सहयोग मिला लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते इस कार्य को पुरा नहीं किया जा सका.

इस बारे मे पालिका अधिशाषी अधिकारी नमन शर्मा का कहना है कि पुराने ठेकेदार का नियमानुसार भुगतान कर दिया गया है. वहीं आगामी बोर्ड बैठक मे इसका प्रस्ताव लेकर जल्द ही इसका कार्य पुर्ण करा दिया जाएगा और जनहित मे समर्पित कर दिया जायेगा. वहीं कस्बे के गणमान्य लोगों का मानना है कि भविष्य में जो भी विवाद रहा हो पर अब इस भवन का निर्माण शीघ्रता से पूरा करवाया जा कर इसका सदुपयोग किया जाना चाहिए.

इस तरह के हालत जिले की बगरू नगर पालिका का ही नहीं है लगभग सभी नगरपालिकाओं का है. हर बार जनप्रतिनिधि व अधिशाषी अधिकारी बैठक में प्रस्ताव लेने की बात कह कर मामले में पल्ला छाड़ लेते है. अब बगरू नगरपालिका के आगामी बैठक में प्रस्ताव लेकर कार्यपूर्ण करने का प्रस्ताव लाने की बात कही जा रही है पर देखना यह है कि इस बार भवन का निर्माण कार्य पूरा हो पाता है या नहीं?