Bansur, Jaipur News: अरूणाचल प्रदेश के चाइना बॉर्डर पर बलवा पोस्ट पर तैनात 5 ग्रेडिनियर बटालियन में सूबेदार के पद पर तैनात बानसूर के गिर्राज प्रसाद यादव (46) 4 अप्रैल को ड्यूटी के दौरान अचानक मौत हो गई थी. आज चार दिन बाद रविवार सुबह पार्थिव देह पैतृक गांव माजरा अहीर पहुंचीं, जहां तिरंगा यात्रा के घर पहुंचने पर पिता की पार्थिव देह को देखकर बेटा शोहित यादव बेसुध हो गया.
1/4शहीद गिर्राज प्रसाद यादव तीन भाईयों में दूसरे नंबर का था. सबसे बड़ा भाई रोहिताश यादव दिव्यांग है और छोटा भाई भूपसिंह हरसौरा में निजी स्कूल चलाते है. तीन अप्रैल को पत्नी से हुई थी फोन पर बात परिवार ने बताया कि तीन अप्रैल को गिर्राज प्रसाद ने पत्नी को फोन किया था. सबकुछ ठीक लग रहा था. घर परिवार और खेती के बारे में पूछा था. वहीं बच्चों की पढ़ाई के बारे में भी पूछा था. एक महीने पहले छुट्टी लेकर गांव आया था.
2/41996 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे सूबेदार के भाई ने बताया कि गिर्राज प्रसाद अक्टूबर 1996 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे. एक बेटा शोहित यादव (25), बेटी अमीषा यादव (19) है. उनके एक बेटा और एक बेटी है. गिर्राज प्रसाद चार भाई बहनों में तीसरे नंबर के है.