जोधपुर: आसाराम को एक ओर बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने खारिज की अंतरिम याचिका

जस्टिस संदीप मेहता की कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि खंडपीठ इस प्रवृत्ति के अपराधी के साथ किसी भी तरह की सहानुभूति नहीं रखती.

जोधपुर: आसाराम को एक ओर बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने खारिज की अंतरिम याचिका
फाइल फोटो

जोधपुर: अपने ही गुरुकुल की नाबालिग छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में जोधपुर सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को एक बार फिर हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. जेल से बाहर आने की छटपटाहट के चलते आसाराम ने इस बार अपनी पत्नी को गंभीर बीमारी होने का हवाला देते हुए राजस्थान हाई कोर्ट में अंतरिम याचिका दायर की थी. 

जिस पर गुरुवार को राजस्थान हाई कोर्ट मुख्य पीठ जोधपुर में जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए याचिका को खारिज कर दिया. सुनवाई के दौरान आसाराम के अधिवक्ता के सामने आसाराम की पत्नी की मेडिकल रिपोर्ट रख दी गई. पुलिस द्वारा की गई जांच रिपोर्ट में साफ लिखा था कि आसाराम की पत्नी गंभीर बीमार नहीं है. 

जस्टिस संदीप मेहता की कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि खंडपीठ इस प्रवृत्ति के अपराधी के साथ किसी भी तरह की सहानुभूति नहीं रखती. इसके साथ ही खंडपीठ ने आसाराम के अधिवक्ता जगमाल चौधरी को अंतरिम जमानत अर्जी वापस लेने के लिए पूछा लेकिन नहीं लिए जाने पर कोर्ट ने इस अर्जी को खारिज कर दिया. 

कोर्ट ने अब आसाराम की सजा स्थगन याचिका पर सुनवाई के लिए आगामी 6 मार्च तारीख मुकर्रर की है. अब देखने वाली बात यह है कि 6 मार्च को आसाराम की स्थगन याचिका पर कोर्ट का क्या रुख रहता है. यह बात अलग है कि कोर्ट ने अपना रुख शब्दों से साफ कर दिया कि खंडपीठ इस प्रवृति के अपराधियों के साथ किसी भी तरह की सहानुभूति नहीं रखने वाला. गौरतलब है कि आसाराम ने पूर्व में एक बार खुद की बीमारी को लेकर जमानत मांगी थी लेकिन इस बार आसाराम ने अपनी पत्नी की बीमारी का बहाना बनाया था लेकिन इस बार भी आसाराम को मुंह की खानी पड़ी.