3 नगर निगमों के बोर्ड चुनाव को लेकर BJP ने कसी कमर, राज्यमंत्री कैलाश चौधरी बोले कि

कैलाश चौधरी ने आरोप लगाया कि अपराध और अराजकता कांग्रेस सरकार का सार बन गया है. 

3 नगर निगमों के बोर्ड चुनाव को लेकर BJP ने कसी कमर, राज्यमंत्री कैलाश चौधरी बोले कि
कैलाश चौधरी ने आरोप लगाया कि अपराध और अराजकता कांग्रेस सरकार का सार बन गया है.

मनोहर विश्नोई, दिल्ली: राजस्थान में तीन नगर निगमों के बोर्ड चुनाव में प्रत्याशियों की खोज के लिए बीजेपी लगातार मंथन कर रही है. शनिवार को प्रदेश कार्यालय में नगर निगम चुनाव को लेकर प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें प्रदेश महामंत्री चन्द्रशेखर, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन मेघवाल और केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ बीजेपी नेताओं एवं पदाधिकारियों ने भाग लिया.

बैठक के बाद केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि जयपुर, जोधपुर व कोटा में होने वाले नगर निगम चुनावों को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ जनता भी उत्साहित है. कैलाश चौधरी का कहना है कि प्रदेश में 2 वर्ष के कांग्रेस सरकार के कुशासन का जवाब देने के लिए तैयार है. बीजेपी इन चुनावों में जनता से जुड़े सभी मुद्दे पूरी ताकत के साथ उठाएगी इसलिए इन नगर निगम चुनावों में बीजेपी की जीत होगी.

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बीजेपी इन मुद्दों पर लड़ेगी चुनाव
कैलाश चौधरी ने आरोप लगाया कि अपराध और अराजकता कांग्रेस सरकार का सार बन गया है. जनता से बड़े-बड़े वादे करके कांग्रेस सरकार सत्ता में तो आई लेकिन सत्ता में आने के बाद उसका अधिकतर समय आपसी झगड़े में ही बीता है. केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि नगर निगम चुनाव में इस बार साफ-सफाई और बिजली सहित निकायों के कामकाज के अलावा कानून व्यवस्था का मुद्दा भी शामिल रहेगा. प्रदेश बीजेपी ने शहरों की बिगडती कानून व्यवस्था के मुद्दे को जनता तक पहुंचाकर जन समर्थन अपने पक्ष में बनाने की योजना बनाई है. 

कानून व्यवस्था भी बड़ा मुद्दा
केंद्रीय मंत्री चौधरी ने कहा है कि शहरों का आदमी डरा और सहमा हुआ है और जयपुर, जोधपुर में तो महिलायें और किशोरियां सुरक्षित नहीं है, दिनदहाड़े हत्यायें हो रही हैं. ऐसे में कानून व्यवस्था भी बड़ा मुद्दा है. निकाय से जुड़े मुद्दों के साथ ही इस मुद्दे को भी जनता के बीच ले जाया जाएगा. कोरोना काल में भी सरकार का भारी कुप्रबंधन रहा. इन तमाम समस्याओं को देखते हुए जनता को केंद्र की तरह स्थानीय निकायों में भी ऐसी सरकार और शासन की जरूरत महसूस होती है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह सशक्त नेतृत्व दे सके.