गहलोत सरकार के कार्यकाल का 1 साल पूरा, किसानों के साथ सालगिरह मनाएंगे CM

कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मुख्य आतिथ्य में होने वाले सम्मेलन में प्रदेशभर से 25 हजार से ज्यादा काश्तकार भाग लेंगे. 

गहलोत सरकार के कार्यकाल का 1 साल पूरा, किसानों के साथ सालगिरह मनाएंगे CM
मुख्यमंत्री की पहल पर कार्यक्रम स्थल पर सुझाव स्टॉल भी लगाई गई है.

जयपुर: प्रदेश में सरकार के कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर आज यानी की मंगलवार को राजधानी के विद्याधर नगर स्टेडियम में ‘किसान सम्मेलन’ का आयोजन होगा. 

कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मुख्य आतिथ्य में होने वाले सम्मेलन में प्रदेशभर से 25 हजार से ज्यादा काश्तकार भाग लेंगे. उन्होंने बताया कि सम्मेलन में मुख्यमंत्री गहलोत बजट घोषणा के अनुरूप उन्नत कृषि तकनीकों को सरल तरीके से किसानों तक पहुंचाने के लिए कृषि ज्ञान धारा कार्यक्रम की शुरूआत करेंगे. 

काश्तकारों को उनके उत्पाद का यथोचित मूल्य दिलाने के लिए एक हजार करोड़ रुपये के किसान कल्याण कोष का शुभारंभ करेंगे. राज्य में कृषि प्रसंस्करण एवं कृषि निर्यात को प्रोत्साहित करने और किसानों की आय में बढ़ोतरी करने के लिए राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति-2019 का विमोचन करेंगे. कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के लाभार्थियों को लाभ वितरित करेंगे. इस मौके पर खेती से जुड़ी फिल्म प्रदर्शित की जाएगी.

काश्तकार दे सकेंगे सुझाव
कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने बताया कि मुख्यमंत्री की पहल पर कार्यक्रम स्थल पर सुझाव स्टॉल भी लगाई गई है. काश्तकार खेती से जुड़ी योजनाओं में सुधार, नई तकनीक अपनाने एवं अन्य नवाचार के लिए अपने सुझाव यहां दे सकते हैं. कार्यक्रम के बाद इन सुझावों का अध्ययन कर योजनाओं में शामिल किया जाएगा. 

प्रदर्शनी होगी विशेष आकर्षण का केंद्र
कृषि मंत्री ने बताया कि सम्मेलन के दौरान प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र होगी. उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में कृषि एवं इससे संबद्ध विभागों की स्टालें लगाई जाएंगी. जल प्रबंधन, सौर ऊर्जा संयत्र, जैविक खेती, संरक्षित खेती, लो-टनल आदि की जीवन्त प्रदर्शनियां लगाकर काश्तकारों को उन्नत तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा. कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, सहकारिता विभाग, राजफैड आदि संस्थाओं एवं कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों, आदान विक्रेताओं की ओर से नवाचार गतिविधियां प्रदर्शित की जाएगी.