जयपुर के 'DJ वाले बाबू' पर लगा बैन, कार्यक्रम से पहले ही लेनी होगी परमीशन

अत्यधिक शोरगुल उत्पन्न होने की वजह से कलेक्टर जगरूप सिंह यादव ने डीजे से ध्वनि प्रदूषण और जोखिमपूर्ण मानकर उपयोग करने पर पाबंदी लगाई है. भविष्य में डीजे बजाने के लिए संबंधित उपखंड अधिकारी और पुलिस उपायुक्त से पूर्वानुमति लेनी होगी.

जयपुर के 'DJ वाले बाबू' पर लगा बैन, कार्यक्रम से पहले ही लेनी होगी परमीशन
डीजे बजाने के लिए संबंधित उपखंड अधिकारी और पुलिस उपायुक्त से पूर्वानुमति लेनी होगी.

जयपुर: अगर आप सामाजिक, सांस्कृतिक सहित अन्य कार्यक्रमों में डीजे का इस्तेमाल कर रहे हैं तो सचेत रहिए. शादी सामाजिक या अन्य समारोहों में तीव्र ध्वनि विस्तारक यंत्र यानी की डीजे (DJ) बजाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. 

अत्यधिक शोरगुल उत्पन्न होने की वजह से कलेक्टर जगरूप सिंह यादव ने डीजे से ध्वनि प्रदूषण और जोखिमपूर्ण मानकर उपयोग करने पर पाबंदी लगाई है. भविष्य में डीजे बजाने के लिए संबंधित उपखंड अधिकारी और पुलिस उपायुक्त से पूर्वानुमति लेनी होगी. बिना अनुमति डीजे का इस्तेमाल किया तो दंडनीय अपराध माना जाएगा. इस पर जिला प्रशासन या पुलिस की ओर से कार्रवाई होगी.

जिला कलेक्टर जगरूप सिंह यादव ने बुधवार को इसको लेकर आदेश जारी किए हैं. आदेशों के तहत सार्वजनिक स्थानों पर सामाजिक एवं सांस्कृतिक जुलूस एवं समारोह और अन्य आमजन को प्रभावित करने वाले क्षेत्रों में तीव्र ध्वनि विस्तारक यंत्रों (डीजे सहित सभी ध्वनि विस्तारक यंत्र) का उपयोग निषेध होगा. किसी व्यक्ति, समूह या प्रतिनिधि को उपयोग करने के लिए संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट या पुलिस उपायुक्त की पूर्वानुमति लेनी होगी. इसके अलावा रात्रि 10 बजे के बाद और सुबह 6 बजे के मध्य यह स्वीकृति नहीं दी जा सकेगी. 

आदेशों का उल्लंघन करने की स्थिति में डीजे प्रयुक्त वाहन को जब्त कर संबंधित वाहन स्वामी के विरुद्ध ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1963 एवं मोटर वाहन अधिनियम के तहत संबंधित अधिकारी एवं परिवहन विभाग की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.