नागौर जिले में मनरेगा कार्य किये गए शुरू, जानिए कितने लाख श्रमिकों को मिला रोजगार

बाहरी प्रदेशों से पलायन कर प्रदेश पहुंच रहे श्रमिकों के साथ साथ प्रदेश के श्रमिकों को लॉकडाउन में राहत प्रदान करते हुए सरकार ने मनरेगा के तहत रोजगार देना शुरू किया गया है.

नागौर जिले में मनरेगा कार्य किये गए शुरू, जानिए कितने लाख श्रमिकों को मिला रोजगार
प्रतीकात्मक तस्वीर

हनुमान तंवर, नागौर: बाहरी प्रदेशों से पलायन कर प्रदेश पहुंच रहे श्रमिकों के साथ साथ प्रदेश के श्रमिकों को लॉकडाउन में राहत प्रदान करते हुए सरकार ने मनरेगा के तहत रोजगार देना शुरू किया गया है. मनरेगा के कार्य प्रदेशभर में शुरू भी किये जा चुके हैं. 

नागौर जिले में मनरेगा की स्वीकृतियां जारी होकर काम शुरू किया जा चुका है. सभी पंचायत समितियों के तहत काम शुरू हो गया है. श्रमिकों ने काम शुरू भी कर दिया है. जिलेभर में अब तक 1 लाख 42 हजार श्रमिकों को रोजगार मनरेगा के तहत दिया जा चुका है. 

जिला कलेक्टर दिनेश कुमार यादव ने बताया है कि जिले में 1 लाख 50 हजार श्रमिकों को रोजगार देने का लक्ष्य है. हम चाहते हैं कि प्रत्येक मनरेगा जॉब कार्ड धारक या श्रमिक जिसका जॉबकार्ड नहीं बना है उसको भी मनरेगा से जोड़कर रोजगार दिया जाए ताकि श्रमिकों के सामने कोई परेशानी नहीं आये.

यादव ने यह भी कहा है कि लॉकडाउन और कोरोना की वजह से मनरेगा कार्यो की सही मोनिटरिंग नहीं हो पा रही. प्रशासन कोरोना में जुटा हुआ है. ऐसे में सभी जागरूक लोग ध्यान रखे और मनरेगा कार्यो की मॉनिटरिंग करें. साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि क्षेत्र में जेसीबी या अन्य साधनों ट्रेक्टरों से कोई मनरेगा कार्य नहीं करवाये. ऐसा कहीं हो तो प्रशासन की जानकारी में लाकर रुकवाए क्योंकि लॉकडाउन में पलायन कर आये श्रमिकों को रोजगार देना हमारा लक्ष्य है.

 

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