किसानों के लिए गहलोत सरकार का बड़ा कदम, अब 31 अगस्त तक चुका सकेंगे फसली ऋण

अब देरी से ऋण चुकाने वाले किसानों को पेनल्टी नहीं देनी होगी.

किसानों के लिए गहलोत सरकार का बड़ा कदम, अब 31 अगस्त तक चुका सकेंगे फसली ऋण
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देय तिथि को आगे बढ़ाते हुए 30 जून तक किया था.

जयपुर: कोरोना महामारी के दौरान प्रदेश के किसानों को राहत देते हुए गहलोत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब किसान सहकारी फसली ऋण 31 अगस्त तक जमा करवा सकते है. पहले किसानों को अवधि चुकाने की अंतिम तिथि 30 जून थी. 

किसान खरीफ-2019 और रबी-2019-2020 के सहकारी अल्पकालीन फसली ऋणों की चुकारा करने वाले किसानों को राहत दी है, अब देरी से ऋण चुकाने वाले किसानों को पेनल्टी नहीं देनी होगी.

पहले 30 जून थी अंतिम तिथि
सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने बताया कि राज्य में केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा ग्राम सेवा सहकारी समितियों के सदस्य काश्तकारों को अल्पकालीन फसली सहकारी ऋण वितरित किए जाते हैं. खरीफ-2019 में लिए गए फसली सहकारी ऋणों का चुकारा 31 मार्च तक करना होता है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देय तिथि को आगे बढ़ाते हुए 30 जून तक किया था.  

शून्य फीसदी ब्याज दर पर ऋण का लाभ मिल सकेगा
सहकारिता मंत्री ने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए सहकारी बैंकों से फसली ऋण प्राप्त करने वाले किसानों के ऋण वसूली की तिथि बढ़ाने का निर्णय किया है ताकि वे शून्य प्रतिशत ब्याज सुविधा का लाभ प्राप्त कर सके. कोरोना वायरस की महामारी के चलते किसानों को ऋण जमा कराने में हो रही परेशानी से किसानों के हित में निर्णय लिया गया है. इससे राज्य में केन्द्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से वर्ष 2019 में खरीफ फसल एवं वर्ष 2019-20 में रबी के लिए ऋण लेने वाले लाखों किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज सुविधा का लाभ मिल सकेगा.