close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं मोदी-शाह के करीबी ओम बिरला, जानिए उनका राजनीतिक सफर

अब तक वरिष्ठ सांसदों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष का पद संभालने की परंपरा रही है और भाजपा सांसद बिरला इस मामले में अपेक्षाकृत कम अनुभवी माने जा रहे हैं. 

छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं मोदी-शाह के करीबी ओम बिरला, जानिए उनका राजनीतिक सफर
बिरला सुमित्रा महाजन की जगह लेंगे. (फोटो साभार: ANI)

जयपुर: लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार ओम बिरला राजस्थान से दूसरी बार निचले सदन के लिए चुने गए हैं. अब तक वरिष्ठ सांसदों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष का पद संभालने की परंपरा रही है और भाजपा सांसद बिरला इस मामले में अपेक्षाकृत कम अनुभवी माने जा रहे हैं. 

सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद लोकसभा स्पीकर पद के लिए बिरला के नाम का प्रस्ताव किया. बिरला को मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का करीबी माना जाता है.

राजनीतिक गुणा-भाग के हिसाब से देखें तो राजस्थान की कोटा-बूंदी सीट से दूसरी बार सांसद चुने गए बिरला का 17वीं लोकसभा का अध्यक्ष चुना जाना लगभग तय है. बिरला यदि लोकसभा अध्यक्ष बनते हैं तो राजस्थान के हाड़ौती अंचल से देश के एक प्रमुख संवैधानिक पद पर विराजने वाले वे पहले नेता होंगे.

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, बिरला छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े हैं. इसके बाद वह भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) से जुड़े रहे और जिला एवं राज्य स्तर पर इसकी अगुवाई की. 

बिरला ने 2003 में राजस्थान विधानसभा चुनावों में कोटा दक्षिण सीट पर कांग्रेस के दिग्गज शांति धारीवाल को हराकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा. वह लगातार तीन बार विधायक रहे.

इस दौरान भाजपा में बिरला का कद लगातार मजबूत हुआ. साल 2014 के आम चुनाव में पार्टी ने उन्हें कोटा सीट से लोकसभा प्रत्याशी बनाया और उन्होंने जीत दर्ज की. साल 2019 के आम चुनाव में बिरला ने कांग्रेस के रामनारायण मीणा को 2,79,677 मतों से हराया.

दस्तावेजों के अनुसार, बिरला का जन्म 23 नवंबर 1962 को हुआ. उनके पिता श्रीकृष्ण बिरला सरकारी सेवा में थे जबकि मां शकुंतला गृहिणी थीं. 57 वर्षीय बिरला के लिए कोटा जन्मभूमि व कर्मभूमि दोनों रही है. 

उन्होंने स्कूली शिक्षा कोटा के गुमानपुरा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से की और उसके बाद बाद राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम व एम.कॉम किया. उनकी शादी अमिता से हुई और उनके दो बेटियां अंजली, आकांक्षा हैं. अमिता पेशे से चिकित्सक हैं. लोकसभा अध्यक्ष के तौर पर बिरला आठ बार सांसद रह चुकीं सुमित्रा महाजन की जगह लेंगे.

हालांकि, ऐसा नहीं है कि पहले अपेक्षाकृत किसी कम अनुभवी सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष का पद नहीं संभाला हो. साल 1996 में तेलुगु देशम पार्टी के नेता जी एम सी बालयोगी भी जब लोकसभा अध्यक्ष बने थे तो वह दूसरी बार ही सांसद चुने गए थे. साल 2002 में बालयोगी के निधन के बाद शिवसेना नेता और पहली बार सांसद चुने गए मनोहर जोशी को लोकसभा अध्यक्ष बनाया गया था. बिरला ऊर्जा पर संसद की स्थायी समिति के सदस्य हैं. वह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की याचिका समिति एवं परामर्श समिति के भी सदस्य हैं