दौसा: CAA को लेकर BJP नेता का कांग्रेस पर तंज, कहा- वोट बैंक की खातिर कर रही विरोध

लखावत ने कहा कि कांग्रेस सीएए का विरोध तो कर रही है लेकिन नागरिकता को लेकर कोई नाम नहीं ले रही है लेकिन कांग्रेस सीएए से क्या चाहती है, इसके लिए खुलकर सामने आए. 

दौसा: CAA को लेकर BJP नेता का कांग्रेस पर तंज, कहा- वोट बैंक की खातिर कर रही विरोध
कांग्रेस आठ दिन के बाद बिल का विरोध कर लोगों को भड़काने का काम कर रही है.

लक्ष्मी अवतार, दौसा: भाजपा (BJP) के संभाग प्रभारी ओंकार सिंह लखावत (Onkar Singh Lakhawat) ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कांगेस पर जमकर निशाना साधा. ओंकार सिंह लखावत ने कहा कि इन दिनों देश भर में नागरिकता संसोधन को लेकर बहस चल रही है और कांग्रेस अपना वोट बैंक बनाने के लिए चाहती है कि बांग्ला देशी, अफगानिस्तानी और पाकिस्तानी घुसपैठियों को भारत की नागरिकता दी जाए.

लखावत ने कहा कि कांग्रेस सीएए का विरोध तो कर रही है लेकिन नागरिकता को लेकर कोई नाम नहीं ले रही है लेकिन कांग्रेस सीएए से क्या चाहती है, इसके लिए खुलकर सामने आए. कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति बंद करे और लोगों को बढ़ाकर सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुचाना बंद करे. 

वहीं सीकर सांसद सुमेदानंद सरस्वती ने भी कांग्रेस पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि सीएए बिल को सदन के दोनों सदनों में बहुमत मिला जबकि राज्यसभा में हम अल्पमत में थे, फिर भी बिल को समर्थन मिला. फिर कांग्रेस आठ दिन के बाद बिल का विरोध कर लोगों को भड़काने का काम कर रही है.

सुमेदानंद सरस्वती ने कहा कि घाटी से तीन लाख परिवारों को धमकी देकर निकाल दिया गया तब कांग्रेस के किसी भी नेता ने एक शब्द नहीं बोला. इससे साफ दिखता है कि कांग्रेस का केवल एक संप्रदाय विशेष से लगाव है. वहीं सांसद सरस्वती ने कहां कांग्रेस को देश से कोई लगाव नहीं है. वो इस बात को जानते हैं कि उनका वोट बैंक खिसक गया है, जिसके लिए वह विरोध कर रही है. 

सुमेदानंद सरस्वती ने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता बोल रहे हैं. हम दो, हमारे एक लेकिन जब हम बिल लेकर आएंगे तो ये उसका विरोध करेंगे. वहीं सांसद सुमेदानंद सरस्वती ने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका राबर्ट वाड्रा द्वारा यूपी के सीएम के भगवा को लेकर की गई टिप्पणी के बारे कहा कि बच्चा मां की गोद में रहकर संस्कार सीखता है और जिस मां की संस्कृति इसाईयत है, वो क्या जाने योग क्या होता है, भगवा क्या होता है और संन्यास क्या होता है. उनके संस्कारों में ये नहीं है. योगी युवावस्था में घर छोड़कर निकले थे और सीएम अब बने हैं. हमारे चार वर्ण और चार आश्रमों की जिनको जानकारी ही नहीं है, उनका बोलना व्यर्थ है.