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राजस्थान विधानसभा में उठा गुर्जर आरक्षण का मुद्दा, विपक्ष ने की नारेबाजी

राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर समाज द्वारा बीते शुक्रवार की सुबह चेतावनी देने के बाद सवाई माधोपुर से गुर्जरों द्वारा आंदोलन की शुरुआत कर दी गई थी

राजस्थान विधानसभा में उठा गुर्जर आरक्षण का मुद्दा, विपक्ष ने की नारेबाजी
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कृषि ऋण माफी का मुद्दा भी उठाया

जयपुर: कृषि ऋण माफी और गुर्जर सहित पांच जातियों को पांच प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे को लेकर हंगामे के बीच विधानसभा की कार्यवाही सोमवार को एक घंटे के लिए स्थगित की गयी. विधानसभा के पहले सत्र का दूसरा चरण सोमवार को शुरू हुआ. शून्य काल में बसपा विधायक जोगिंदर सिंह अवाना और वाजिब अली के साथ साथ माकपा विधायक बलवान पूनिया व गिरधारी लाल तथा आरएलटीपी के हनुमान बेनीवाल ने सरकार से मांग की कि वह पांच प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश करते हुए केंद्र को पत्र लिखे. विपक्ष के विधायकों ने नारेबाजी की और वे आसन के सामने धरने पर बैठ गए.

बता दें कि राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर समाज द्वारा बीते शुक्रवार की सुबह चेतावनी देने के बाद सवाई माधोपुर से गुर्जरों द्वारा आंदोलन की शुरुआत कर दी गई थी. प्रदेश में गुर्जर समाज द्वारा सरकार को 4 बजे तक का वक्त दिया था. साथ ही उन्होने सरकार को यह अल्टीमेटम दिया था कि यदि सरकार शुक्रवार तक 5 फीसदी आरक्षण का नोटिफिकेशन जारी नहीं करती है तो गुर्जर आंदोलन करेंगे.

जबकि गुर्जर समुदाय के नेता किरोड़ी सिंह बैंसला नें सवाई माधोपुर में आरक्षण आंदोलन करते हुए कहा था कि 'हम 5% आरक्षण चाहते हैं. सरकार ने मेरे अनुरोध का जवाब नहीं दिया. इसलिए, मैं एक आंदोलन करने जा रहा हूं. सरकार को आरक्षण देना चाहिए, मुझे नहीं पता कि वह कहां से देते हैं?

इसके साथ ही विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कृषि ऋण माफी का मुद्दा भी उठाया और कांग्रेस के घोषणा पत्र में इसके जिक्र की बात की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्पष्ट करे कि कितने किसानों के बैंक खातों में अभी तक कितनी राशि जमा हुई है.

इस पर शहरी विकास मंत्री शांति धारीवाल की टिप्पणी से नाराज होकर भाजपा विधायक आसन के सामने आ गए और नारेबाजी की. लगभग आधे घंटे के हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए दो बजे तक स्थगित कर दी.

(इनपुट-भाषा)