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भारत-पाक तनाव के बीच पाकिस्तान के उच्चायुक्त सोहेल महमूद सालाना उर्स पर पहुंचे अजमेर

पाकिस्तानी उच्चायोग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार महमूद ने लोगों और पाकिस्तानी सरकार की तरफ से पारंपरिक चादर चढ़ाई.

भारत-पाक तनाव के बीच पाकिस्तान के उच्चायुक्त सोहेल महमूद सालाना उर्स पर पहुंचे अजमेर
दरगाह में इस समय 807 वां उर्स उत्सव चल रहा है. (फाइल फोटो)

रईस खान, अजमेर: भारत-पाक के बीच चल रहे तनाव के कारण इस साल अजमेर के सालाना उर्स के मौके पर भले ही पाकिस्तानी तीर्थ यात्रियों को अजमेर आने का वीजा ना मिला हो. लेकिन शनिवार को पाकिस्तानी उच्चायुक्त सोहेल महमूद ने अजमेर शरीफ दरगाह जाकर दुआ की और खिराजे अकीदत पेश की.

आपको बता दें कि, दरगाह में इस समय 807 वां उर्स उत्सव चल रहा है. उर्स एक वार्षिक उत्सव है जो दरगाह में सूफी संत मोइनुद्दीन चिश्ती की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाता है. पाकिस्तानी उच्चायोग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार महमूद ने लोगों और पाकिस्तानी सरकार की तरफ से पारंपरिक चादर चढ़ाई.

महमूद ने उम्मीद जताई कि इन सूफी संतों के संदेश और महान उदाहरण मौजूदा चुनौतियों से निपटने में मार्गदर्शन करते रहेंगे.

पाकिस्तान तीर्थ यात्रियों को नहीं मिला वीजा

दोनों देशों के बीच पुलवामा की घटना के बाद तनाव काफी बढ़ गया था. जिसके बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानी तीर्थ यात्रियों को वीजा देने से इंकार कर दिया. इससे पहले अजमेर दरगाह के एक खादिम ने अपने बयान में पाकिस्तानियों को अजमेर दरगाह पर जियारत के लिए आने वालों को वीजा ना देने की बात कही थी. खादिम ने पाकिस्तान से जियारत के बहाने भारत में शांति भंग करने वाले जासूस और आतंकी भेजने का आरोप लगाया था. 

भारत सरकार ने अजमेर आने वाले इच्छा रखने वाले करीब 500 पाकिस्तानी श्रद्धालुओं को वीजा देने से इनकार कर दिया था. मीडिया से बातचीत में पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्री पीर नूर-उल-हक कादरी ने इस बात की जानकारी दी थी. 

दरगाह प्रमुख ने उर्स के बहाने पाकिस्तानी एजेंट भेजने का लगाया था आरोप

अजमेर शरीफ दरगाह के प्रमुख सैय्यद जैनुल आबेदीन अली खान ने कहा था कि भारत सरकार सालाना उर्स आने वाले यात्रियों का जत्थे को तत्काल रोके. क्योंकि पाकिस्तान उर्स यात्रा के बहाने अपने एजेंट को भारत भेजकर देश के खिलाफ जानकारियां इकट्ठा करता है. 

(इनपुट भाषा से भी)