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परकोटा का चारदीवारी इलाका बनेगा विश्व धरोहर! यूनेस्को की टीम करेगी दौरा

पिंक सिटी को विश्व धरोहर घोषित करने के दावे की परख करने के लिए यूनेस्को की टीम 22 से 25 सितम्बर तक जयपुर आएगी.

परकोटा का चारदीवारी इलाका बनेगा विश्व धरोहर! यूनेस्को की टीम करेगी दौरा
22 सितंबर को इस क्षेत्र में यूनेस्कों की टीम करेगी दौरा

जयपुर/दीपक गोयल: राजधानी जयपुर के चारदीवारी इलाके को विश्व धरोहर का दर्जा दिलाने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं. पिंक सिटी को विश्व धरोहर घोषित करने के दावे की परख करने के लिए यूनेस्को की टीम 22 से 25 सितम्बर तक जयपुर आएगी. यूनेस्को की टीम जिस रूट पर दौरा करेगी उसी रूट पर केन्द्रीय पुरातत्व विभाग, राजस्थान पुरातत्व एवं कला-संस्कृति विभाग, आमेर विकास एवं प्रबंधन प्राधिकरण, जयपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन, नगर निगम जयपुर, स्वायत्त शासन विभाग, यातायात पुलिस, जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड और प्रोजेक्ट कंसल्टेंट की 14 सदस्यीय टीम ने रूट रिहर्सल किया.

खूबसूरती का शानदार नजारा pink city का चारदीवारी इलाका अब विश्व धरोहर में शामिल होने जा रहा है. यूनेस्को की टीम के स्वागत के लिए परकोटा पूरी तरह से सज चुका है. किसी भी तरह की कोई कमी न रह जाए, इसके लिए नगर निगम आयुक्त, निगम के अधिकारियों के साथ इलाके का जायजा लेने निकले. निगम आयुक्त का यह दौरा सुबह करीब सात बजे शुरू हुआ. ईसरलाट से होते हुए सभी अधिकारी गोविंदेवजी मंदिर पहुंचे और यहां से रामनिवास बाग का भी निरीक्षण किया.

शहर के एतिहासिक दरवाजे, हेरिटेज लुक वाले बरामदे, छोटी चौपड़-बड़ी चौपड़, चारदीवारी के प्राचीन दरवाजे, चारदीवारी की गुलाबी रंगत, धरोहर, लाख की चूड़ियां, चौकड़ी खाना और स्वर्ण मीनाकारी की दम पर चारदीवारी इलाके को यूनेस्को की विश्व धरोहर की लिस्ट में शामिल करने की कोशिश की जा रही है. यूनेस्कों की टीम ईसरलाट से लेकर नाहरगढ फोर्ट यानि की 41 जगहों का तीन दिन में विजिट करेगी. जिसमें मुख्य सचिव डीबी गुप्ता से लेकर संबंधित अधिकारियों से चर्चा होगी.

22 सितंबर को इस क्षेत्र में यूनेस्कों की टीम करेगी दौरा
इसरलाट से शुरूआत होगी, यहां से त्रिपोलिया गेट, हवामहल, टाउनहॉल, सिरे ड्योढ़ी बाजार, जलेब चौक, जंतरमंतर, सिटी पैलेस, गोविंददेवजी मंदिर, जयनिवास उद्यान, चौगान स्टेडियम, ब्रहमपुरी होते हुए तालकटोरा पहुंचकर पहला चरण पूरा होगा.

23 सितंबर को इस रूट पर यूनेस्को की टीम करेगी दौरा
दूसरा चरण चांदपोल गेट बाजार से शुरू होकर खजाने वालों का रास्ता, जयलाल मुंशीजी का रास्ता, राजा शिवदासजी का रास्ता, गणगौरी बाजार, छोटी चौपड़, किशनपोल बाजार, राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट्स, चौकड़ी मोदी खाना, न्यू गेट, गोलचा सिनेमा, चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया गेट बाजार, बड़ी चौपड़, रामगंज बाजार, जौहरी बाजार से सांगानेरी गेट पहुंचकर संपन्न होगा.
 
24 सितंबर को यूनेस्कों की टीम करेगी दौरा 
24 सितंबर को मोती डूंगरी से रूट के निरिक्षण की शुरूआत होगी. यहां से अल्बर्ट हॉल, रामनिवास बाग, हथरोई, अजमेरी गेट, न्यू गेट, सांगानेरी गेट, गलता गेट, सूरजपोल बाजार, चार दरवाजा, जोरावर सिंह गेट, जल महल होते हुए नाहरगढ़ तक. नाहरगढ़ पहुंचकर रूट रिहर्सल पूरा होगा. इसके बाद वहीं पर इसे लेकर चर्चा होगी.

गौरतलब है कि राजस्थान के pink city जयपुर को महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने स्थापित किया था. अपने विशाल किलों और शानदार महलों के जरिए यह शहर शाही राजपूत विरासत को सैलानियों के सामने प्रदर्शित करता है. इसकी एक और खास बात यहां के रंगीन लोगों की मेहमान नवाजी और कई वैराइटी के हस्तशिल्पों की दुकानें हैं. 

जयपुर में होने वाले त्यौहारों में आधुनिक जयपुर साहित्य सम्मेलन से लेकर पारंपरिक तीज, गणगौर और काइट फेस्टीवल भी हैं. जयपुर धरोहर के मामले में धनी है. यहां राजा मानसिंह द्वारा बनवाया गया आमेर का किला है. जयगढ़ किला के नाम से महाराजा जय सिंह द्वारा बनवाई गई यह सुंदर कृति जयपुर के आमेर में अरावली की पहाडिय़ों के भाग चील का टीला में स्थित है. सिटी पैलेस, हवा महल, नाहरगढ़ किला, जंतर-मंतर, जगत शिरोमणि मंदिर, जल महल आदि भी प्रमुख स्थल हैं.

जयपुर का परकोटा करीब 9 वर्ग मील में फैला हुआ है. इसकी ऊंचाई 30 फीट है. इसकी चौड़ाई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रियासत के दौर में इसकी पहरेदारी के लिए दो घुड़सवार एक साथ चलते थे. pink city की हस्तकला लाख की चुड़ियां और स्वर्ण मीनाकारी की वजह से जयपुर को विश्व धरोहर में जगह मिलने की ज्यादा उम्मीदें हैं.