जयपुर के घरों में आ रहा जहरीला पानी, जलदाय विभाग को BIS के जवाब का इतंजार

जलदाय विभाग ने बीआईएस को ये लिखा है कि जयपुर में बीआईएस और जलदाय विभाग संयुक्त रूप से सैंपलिंग कर सकता है. 

जयपुर के घरों में आ रहा जहरीला पानी, जलदाय विभाग को BIS के जवाब का इतंजार
बीआईएस ने 21 शहरों के सैंपल लिए थे.

जयपुर: भारतीय मानक ब्यूरों की चौकाने वाली रिपोर्ट के बावजूद भी जलदाय विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए है. बीआईएस की रिपोर्ट में जयपुर शहर में 10 में से 7 सैंपल फैल पाए गए थे. इसके अलावा पानी में एल्युमिनियम और कोलीफार्म की मात्रा भी पाई गई थी. लेकिन इसके बाद भी जलदाय विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है. दूसरी ओर जयपुर रोजाना जहरीला पानी पीने को मजबूर हो रहा है. 

एक तरफ तो राज्य सरकार पानी को लेकर गंभीरता बरत रही है. वहीं, जलदाय विभाग के इंजीनियर जयपुर की जनता को जहरीला पानी पिला रहे है. बल्कि जलदाय विभाग लगातार अपनी सफाई दे रहा है कि बीआईएस की रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर का पानी दूषित हो ही नहीं सकता. यानि भारतीय मानक ब्यूरों की रिपोर्ट को जलदाय विभाग ने सिरे से खारिज कर दिया. बीआईएस ने 21 शहरों के सैंपल लिए थे, जिसमें जयपुर का स्थान 17वां था.

बीआईएस की रिपोर्ट पर सवाल
जलदाय विभाग ने बीआईएस को ये लिखा है कि जयपुर में आखिर कौन कौन सी जगह सैंपल लिए गए है. बीआईएस और जलदाय विभाग संयुक्त रूप से सैंपलिंग कर सकता है. लेकिन अब तक बीआईएस को कोई जवाब पीएएचईडी के पास नहीं आया. अब इसी बात का इतंजार में डेढ़ महीना निकल गया और जलदाय विभाग को अपनी नाकामी छुपाने का मौका मिल गया. अब केवल जलदाय विभाग बीआईएस के जवाब का इतंजार कर रहा है. स्वच्छ पानी पिलाने के लिए पीएचईडी विभाग कोई कदम ही नहीं उठा रहा.

सवाल बीसलपुर प्रोजेक्ट पर भी उठने लगे
जयपुर को पानी पिलाने का जिम्मा अतिरिक्त मुख्य अभियंता देवराज सौलंकी का है. उनका कहना है कि हमने बीआईएस से जवाब मांगा था, लेकिन अब तक कोई रिप्लाय नहीं आया. अब उनकी रिपोर्ट का इतंजार कर रहे है. सबसे बडी बात ये है जयपुर शहर में बीसलपुर बांध से पानी सप्लाई हो रहा है. इस पानी को पॉली एल्युमिनियम क्लोराइट डोज से ट्रीट किया जा रहा है. इसके बावजूद यदि पानी में एल्यूमिनियम की शिकायत आई है तो पूरे प्रोजेक्ट पर ही सवाल उठ रहे है.

बीमारियां पैदा कर रहा जयपुर का पानी
जयपुर में पानी के सैंपल में कॉलीफार्म मिला था. यह बैक्टीरिया सीवर के पानी से होते है. यदि पानी में कॉलीफार्म पाया जाता है तो इससे गंभीर बीमारियां हो सकती है. खासकर पेट की बीमारियां बढने की पूरी पूरी संभावना रहती है. वहीं, पानी में एल्युमिनियम भी पाया गया था. एल्युमिनियर युक्त पानी पीने से दिमाग पर दुष्प्रभाव पड़ता है. ऐसे में बड़ा सवाल यही है आखिर जलदाय विभाग कब तक जयपुर को जहरीला पानी पिलाता रहेगा.