close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान: निकाय के बाद अब पंचायतों का भी परिसीमन करेगी राज्य सरकार

चार मरूस्थलीय जिलों में परिसीमन के अलग नियम लागू होंगे, क्योंकि मरूस्थलिय इलाकों में आबादी कम होती है, इसलिए आबादी के हिसाब से ही परिसीमन के आदेश जारी किए गए है.

राजस्थान: निकाय के बाद अब पंचायतों का भी परिसीमन करेगी राज्य सरकार
फाइल फोटो

जयपुर: लोकसभा चुनाव में 25 सीटे हारने के बाद अब कांग्रेस की नजर निकाय और पंचायतीराज चुनावों पर है. निकाय चुनाव के बाद अब पंचायतीराज चुनावों में परिसीमन की नई शर्तें सरकार ने लागू कर दी हैं. यानि इस बार निकाय चुनाव के बाद प्रदेश में होने वाले पंचायतीराज चुनाव भी नए परिसीमन के आधार पर ही होंगे.

राजस्थान की सत्ता पर राज करने के बाद अब अशोक गहलोत सरकार शहर से लेकर गांव की सरकार पर भी अपना कब्जा जमाना चाहती है, इसलिए निकाय चुनाव के परिसीमन के बाद अब पंचायतीराज चुनाव भी परिसीमन के बाद ही किए जाएंगे. गहलोत सरकार ने ग्राम पंचायतें और पंचायत समितियों के परिसीमन के आदेश जारी किए हैं, जिसमें आबादी के आधार पर परिसीमन किया जाएगा. चार मरूस्थलीय जिलों में परिसीमन के अलग नियम लागू होंगे, क्योंकि मरूस्थलिय इलाकों में आबादी कम होती है, इसलिए आबादी के हिसाब से ही परिसीमन के आदेश जारी किए गए है.

पंचायत समितियों में ऐसे होगा परिसीमन
- जिन पंचायत समितियों में ग्राम पंचायतें 40 या उससे ज्यादा हैं, उन ग्राम पंचायतों का परिसीमन किया जाएगा. नई और पुर्नगठित पंचायत समितियों में कम से कम 25 ग्राम पंचायते होना जरूरी होगा. पुर्नगठित होने वाली पंचायत समितियों में आबादी 2 लाख होना जरूरी होगा.

- मरूस्थलीय जिलों में पंचायत समितियों के परिसीमन की शर्तें थोडी अलग होगी. बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर जिले की एक पंचायत समिति में कम से कम 20 ग्राम पंचायते होना जरूरी होगा, जबकि आबादी कम से कम 1.5 लाख होना जरूरी होगा.

ग्राम पंचायतों में परिसीमन की शर्तें-
- ग्राम पंचायतों में परिसीमन के लिए न्यूनतम 4 हजार और अधिकतम 6500 आबादी होना जरूरी होगा.

-अनूसूचित जाति क्षेत्रों और चार मरूस्थलीय क्षेत्रों के लिए न्यूनतम 2500 और अधिकतम 5 हजार की जनसंख्या होना जरूरी होगा. इसके साथ साथ शहरी क्षेत्र जिसमें किशनगंज और शाहबाद को भी शामिल किया गया है.

-कांग्रेस सरकार परिसीमन से शहरों के साथ साथ गांव की सरकार में भी अपनी पकड़ मजबूत बनाना चाहती है. अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या परिसीमन के बाद में कांग्रेस गांव और शहर की सरकार पर कब्जा जमा पाती है या नहीं.