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राजस्थान: ''ऑपरेशन गणतंत्र'' में रोज नए खुलासे कर रहा भ्रष्‍टाचार निरोधक ब्‍यूरो

एसीबी ने मीणा के आवास, ऑफिस और अन्‍य ठिकानों पर छापा मारकर 100 करोड़ से ज्यादा रुपये की संपत्ति का ब्योरा और नकद बरामद किया है.

राजस्थान: ''ऑपरेशन गणतंत्र'' में रोज नए खुलासे कर रहा भ्रष्‍टाचार निरोधक ब्‍यूरो
ACB ने राम मीणा को एक लाख रुपये घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था.

जयपुर: राजस्थान भ्रष्‍टाचार निरोधक ब्‍यूरो के ऑपरेशन गणतंत्र में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं. ऑपरेशन गणतंत्र इसलिए क्योंकि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस की सुबह ही राजस्थान एसीबी ने घूसखोर IRS को घूस लेते हुए गिरफ्तार किया था. 26 जनवरी को आईआरएस अधिकारी राम मीणा को अफीम खेती का मुखिया बनाने की एवज में एक लाख रुपये घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था.

इस घूसखोर अधिकारी मीणा ने जीएसटी पर 'नीड ऑफ टैक्‍स रिफॉर्म्स इन इंडिया' नाम से एक किताब लिखी थी. मीणा की किताब ऑनलाइन भी 595 रूपये में बिक रही है. एसीबी ने मीणा के आवास, ऑफिस और अन्‍य ठिकानों पर छापा मारकर 100 करोड़ से ज्यादा रुपये की संपत्ति का ब्योरा और नकद बरामद किया है. मीणा के बारे में ये भी जानकारी सामने आयी है कि आगामी लोकसभा चुनाव में वो बीजेपी और कांग्रेस से टिकट चाहते था और उसने दोनों पार्टियों के अध्‍यक्षों को पत्र लिखकर दावा किया था कि उनका उनकी विचारधारा में दृढ़ विश्‍वास है. 

मीणा छबड़ा और गंगापुर सिटी विधानसभा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते थे और उसने इसके लिए प्रयास किया था, लेकिन असफल रहे. छापे के दौरान पुलिस को ऐसे पत्र मिले हैं जिसमें उन्‍होंने दावा किया है कि वह बचपन से ही आरएसएस के कट्टर समर्थक रहे हैं. मीणा का एक अन्‍य पत्र भी मिला है जो संभवत: कांग्रेस के लिए था. इसमें उसने दावा किया था कि उसका धर्मनिरपेक्षता में दृढ़ विश्‍वास है.

ACB के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने कहा, 'ये पत्र आय से अधिक संपत्ति मामले में हमारे लिए बहुत प्रासंगिक नहीं हैं लेकिन मीणा से इस संबंध में पूछताछ होगी कि क्‍या उन्‍होंने इन पत्रों को दोनों पार्टियों के अध्‍यक्षों को भेजा था या नहीं.' जांच में सामने आया कि मीणा ने सरकार को अपनी संपत्ति का जो ब्योरा दिया है, उसमें भी झोल है. उसने सवाईमाधोपुर स्थित अपने गांव में 32 बीघा जमीन और अपने भाई व पत्नी के नाम से दो प्लॉट दिखा रखे हैं, जबकि सर्च के दौरान मिले दस्तावेज में सामने आया कि उसकी पत्नी प्रेमलता, बेटे मनीष, बहू विजयलक्ष्मी व खुद के नाम पर 106 प्लॉट, 25 दुकानें, पेट्रोल पंप, फ्लैट सहित 300 करोड़ की संपत्ति है. सहीराम के खिलाफ पूर्व में सीबीआई में शिकायत भी हुई थी. इसके अलावा भूखंड, दुकान, जमीन व फ्लैट की बाजार व डीएलसी रेट का निर्धारण भी किया जा रहा है.