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राजस्थान: सामुदायिक शौचालयों को स्वच्छ रखने वाले गांव को सरकार देगी पुरस्कार

 सरकार अब इन शौचालयों को भी साफ एवं सुंदर बनाने के लिए एक नई कवायद में जुट गई है

राजस्थान: सामुदायिक शौचालयों को स्वच्छ रखने वाले गांव को सरकार देगी पुरस्कार
पुरस्कार के लिए सरकार ने 25 जनवरी तक आवेदन मांगे है

कोटा: चार साल पहले देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गांवों को खुले में शौच मुक्त करने की एक नई पहल शुरू की गई थी. ग्राम पंचायतों ने भी इसमें बढ़ चढ़ कर योगदान दिया और प्रदेशभर में लाखों शौचालय बन गए. घरों के साथ सामुदायिक शौचालय बनाकर गांवों को खुले में शौच मुक्त किया गया. अब राज्य सरकार ने शौचालयों के उपयोग को बढ़ावा देने एवं इन्हे स्वच्छ एवं सुंदर रखने के लिए एक नई कवायद शुरू की है. सरकार अब गांवों में बने स्वच्छ एवं सुंदर शौचालयों को पुरस्कृत करेगी.

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत गांवों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण करवाया गया. सरकार की मंशा थी की जिन घरों में किसी कारण शौचालय नहीं बन पाए तो ग्रामीण सामुदायिक शौचालयों का उपयोग कर सके. आमतौर पर सामुदायिक शौचालय बनने के बाद ना तो इनकी नियमित सफाई होती है और ना हीं देखरेख. ऐसे में शौचालय दुर्दशा के शिकार होकर रह जाते है. लेकिन सरकार अब इन शौचालयों को भी साफ एवं सुंदर बनाने के लिए एक नई कवायद में जुटी है.

शौचालयों का नाम आता है तो जेहन में गंदगी से अटे टूटे फूटे शौचालयों और दुर्गंध से परेशान लोगों की तस्वीर सामने आती है. लेकिन अब यही शौचालय गांवों में खुले में शौच मुक्ति में जागरूकता की एक नई मिसाल बन रहे है. गांवों में कभी गंदगी से अटे रहने वाले सामुदायिक एवं व्यक्तिगत शौचालयों का रूप इन दिनों बदला-बदला सा नजर आ रहा है. शौचालयों पर चित्रों एवं जागरूकता स्लोगन के जरिए लोगों को स्वच्छता एवं खुले में शौच मुक्ति के लिए जागरूक किया जा रहा है.

राज्य सरकार की ओर से शुरू की गई स्वच्छ शौचालय पुरस्कार योजना के तहत इन दिनों गांवों में पंचायतीराज विभाग की ओर से शौचालयों पर सुंदर चित्रकारी करवाई जा रही है. इसके लिए शौचालयों की अच्छी से सफाई कर उन पर आकर्षक चित्र बनवाए जा रहे है. चित्रकारी भी ऐसी की यह शौचालय बरबस लोगों का ध्यान खींच लेते है. कहीं कार्टून चित्रों के जरिये तो कहीं जागरूकता स्लोगन लिखवाकर शौचालयों को आकर्षक बनाया जा रहा है. शौचालयों को विभाग ने इज्जत घर नाम दिया है. पुरस्कार के लिए सरकार ने 25 जनवरी तक आवेदन मांगे है. पुरस्कार के लिए शौचालयों के फोटो पंचायत समिति कार्यालय में भिजवाने होंगे.