राजस्थान: गुर्जरों को कल तक नहीं मिला आरक्षण तो फिर भड़केगी विरोध की आग, सुरक्षा के लिए कंपनियां तैनात

आंदोलन की चेतावनी के बाद रेलवे और जिला प्रशासन ने गुर्जर बाहुल्य जिलों में सुरक्षा बढाई है. रेलवे ने आरपीएफ की कंपनी भेजना शुरू कर दी है.

राजस्थान: गुर्जरों को कल तक नहीं मिला आरक्षण तो फिर भड़केगी विरोध की आग, सुरक्षा के लिए कंपनियां तैनात
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जयपुर: राजस्थान में गुर्जर आरक्षण की गर्जना एक बार फिर सुनाई देने लगी है. सवाईमाधोपुर के मलारना डूंगर स्टेशन से महापंचायत के बाद आंदोलन की शुरूआत होगी. गुर्जरों ने कल शाम चार बजे का अल्टीमेटम दे रखा है, यदि सरकार कल तक 5 फीसदी आरक्षण का नोटिफकेशन जारी नहीं करती है तो गुर्जर आंदोलन करेंगे. आंदोलन की चेतावनी के बाद रेलवे और जिला प्रशासन ने गुर्जर बाहुल्य जिलों में सुरक्षा बढाई है. रेलवे ने आरपीएफ की कंपनी भेजना शुरू कर दी है. दौसा, अजमेर, जयपुर हाईवे, आगरा हाईवे, करौली, भरतपुर, भीलवाडा, शेखावाटी इलाकों में आरपीएफ की कंपनियां भेजी जा रही हैं. दूसरी और जिला प्रशासन भी पूरी तरह से संतर्क है.

इसके अलावा आईबी भी लगातार गुर्जर आंदोलन से पहले अपनी रिपोर्ट तैयार करने में जुटी हुई है. इधर सरकार कानूनी राय लेकर रास्ता निकालने की कोशिश में जुटी हुई है. सरकार लॉ विभाग और कानूनी जानकारों से राय लेकर संभवत: सुप्रीम कोर्ट जा सकती है. पिछली सरकार में लगी एसएलपी पर गहलोत सरकार सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण का दायरा बढाने की मांग कर सकती है. एसबीसी आरक्षण विधेयक-2012-17 को 9 दिसंबर 2016 में हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था. उस पर पिछली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में SLP लगा रखा है.

गहलोत सरकार SLP पर जल्द सुनवाई करने के लिए प्रार्थना पत्र सुप्रीम कोर्ट में दे सकती है. जिसके माध्यम से 50% से बाहर आरक्षण की तय समय सीमा को ले जाने की अनुमति ली जा सकती है. केंद्र सरकार ने सवर्णों को आरक्षण देकर आरक्षण का दायरा 60 फीसदी हो चुका है, लेकिन राजस्थान में सवर्ण आरक्षण लागू नहीं होने की वजह से अभी तक दायरा 50 फीसदी है. फिलहाल गुर्जरों को मॉर बैकवर्ड क्लास के जरिए 1 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है. गुर्जरों ने सरकार से 50 फीसदी के बाहर आरक्षण देने की मांग की है.

उधर राजस्थार सरकार में डिप्टी सीएम सचिन पायलट का कहना है कि "पिछली सरकार की गलतियों के कारण गुर्जरों का आरक्षण नहीं मिला. उनका कहना था कि सभी सरकारों और सभी पार्टियों ने ये माना है कि गुर्जरों का आरक्षण वाजिब है. लेकिन केंद्र सरकार ने गुर्जरों को 9वीं अनुसूचि में अब तक शामिल नहीं किया. पायलट का ये भी कहना है कि आरक्षण को लेकर कई रास्ते खुले हैं. फिलहाल सरकार कानूनी अड़चनों को दूर करने का काम कर रही है. हम लगातार गुर्जरों नेताओ से संपर्क में है."

वहीं गुर्जर नेता शैलेद्र सिंह ने सरकार से संपर्क की वार्ता को पूरी तरह नकारा है. उनका कहना है कि "सरकार से किसी भी तरह का कोई संपर्क नहीं है. उनका कहना है कि यदि कल शाम 4 बजे तक सरकार ने 5 प्रतिशत आरक्षण का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा. आंदोलन पटरियां रोककर होगा, हाईवे जाम किए जाएंगे."

अब सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि क्या गहलोत सरकार गुर्जर आरक्षण की आग की बुझाने में कामयाब होती है या नहीं. क्या सरकार 5 फीसदी का नोटिफिकेशन जारी करेगी या एक बार फिर से राजस्थान में आंदोलन की आग लगेगी.