close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान में स्वाइन फ्लू को लेकर एक्शन में स्वास्थ्य मंत्री, दिए अहम निर्देश

हेल्थ मिनिस्टर डॉ. रघु शर्मा ने स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए जाने पर रोगी के संपर्क में आए लोगों सहित आसपास रहने वालों की समुचित स्क्रीनिंग की पुख्ता व्यवस्था के निर्देश दिए हैं.

राजस्थान में स्वाइन फ्लू को लेकर एक्शन में स्वास्थ्य मंत्री, दिए अहम निर्देश
स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए हेल्थ मिनिस्टर ने दिए कई निर्देश. (फाइल फोटो)

जयपुर: राजस्थान में सर्दी के सितम के बीच स्वाइन फ्लू का कहर लगातार जारी है. साल की शुरुआत के महज 7 दिन के अंदर स्वाइन फ्लू से 8 मौत हो चुकी हैं जिनमें सबसे अधिक 7 मौत जोधपुर में हुई है और एक मौत नागौर में हुई है. स्वाइन फ्लू की रोकथाम और तैयारी को लेकर सोमवार शाम राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने महकमे के साथ समीक्षा बैठक भी ली.

हेल्थ मिनिस्टर डॉ. रघु शर्मा ने स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए जाने पर रोगी के संपर्क में आए लोगों सहित आसपास रहने वालों की समुचित स्क्रीनिंग की पुख्ता व्यवस्था के निर्देश दिए हैं. उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में टॉस्क फोर्स भिजवाने के साथ ही जांच, उपचार एवं रोकथाम के लिए सभी आवष्यक व्यवस्थाएं सुनिष्चित करने के भी निर्देष दिए हैं. उन्होंने प्रदेशवासियों से सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी, नाक बहना जैसे लक्षण पाए जाने पर तत्काल निकटवर्ती चिकित्सा संस्थान से परामर्ष लेकर उपचार कराने की अपील की है.

चिकित्सा मंत्री सोमवार शाम को सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय स्वाइन फ्लू समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे. बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह, प्रमुख शासन सचिव आयुर्वेद अष्वनी भगत, चिकित्सा ,शिक्षा सचिव हेमन्त गेरा, मिषन निदेषक एनएचएम डॉ. सुमित शर्मा, निदेषक जनस्वास्थ्य डॉ. वी.के.माथुर सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे थे.

स्वाइन फ्लू के लिए अलग से आउटडोर
डॉ. शर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध अस्पतालों, जिला अस्पतालों एवं उपखंड अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों की जांच एवं उपचार के लिए अलग से आउटडोर प्रारंभ किए गए हैं. इन आउटडोर्स पर स्वाइन फ्लू का उपचार अंकित बैनर्स भी लगाने के निर्देश दिये गए हैं. उन्होंने स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले रोगियों को प्रतीत होते ही संबंधित व्यक्ति का सैम्पल लेकर जांच कराने एवं उन्हें उपचार हेतु टेमी फ्लू प्रारंभ करने पर बल दिया. गंभीर रोगियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें समय पर विषेशज्ञ चिकित्सकों के पास रैफर करने के निर्देष दिए. उन्होंने बताया कि सभी जिला अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए अलग से 20 से 25 बेड आरक्षित करते हुए आवश्यकतानुसार आईसीयू वार्ड में वेन्टीलेटर्स भी आरक्षित किए गए हैं.  

दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी चिकित्सा संस्थानों में स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए आवश्यक टेमीफ्लू दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. सभी चिकित्सा संस्थानों में इस दवा की आपूर्ति को नियमित बनाये रखने के लिए निर्देष जारी किए गए हैं. आवश्यकतानुसार उप स्वास्थ्य केन्द्रों में भी टेमी फ्लू की आपूर्ति की जाएगी. स्वाइन फ्लू के इलाज में लगे चिकित्साकर्मियों के वैक्सीन लगाने के लिए वैक्सीन तथा जांच के लिए वीटीएम भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए गए हैं.

रेपिड रेस्पॉन्स टीमें
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि स्वाइन फ्लू प्रभावित क्षेत्रो में संबंधित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को रेपिड रेस्पॉन्स टीमें गठित करवाकर घर-घर स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है. स्वाइन फ्लू के बारे में राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर 0141-2225624 एवं 0141-2225000 हैं और टोल फ्री नम्बर 104 और 108 से जानकारी प्राप्त की जा सकती है एवं सूचना दी जा सकती है.
 
आयुष पद्धतियों का भी उपयोग करने के निर्देश
डॉ. शर्मा ने आयुर्वेद होम्योपैथी, यूनानी सहित आयुष पद्धतियों से भी स्वाइन फ्लू की रोकथाम एवं उपचार में आवश्यक सहयोग प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा विभाग के समस्त आयुष चिकित्सकों व सहयोगी कार्मिकों के अवकाश भी तत्काल निरस्त करने के निर्देश दिए हैं.