राजस्थान हाई कोर्ट का आदेश, प्रेम विवाह करने वाले युगलों को मिले सुरक्षा

प्रेमिका के पिता ने उसके खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज करा दिया. इस पर प्रेमिका ने हाईकोर्ट से सुरक्षा की गुहार की थी.

राजस्थान हाई कोर्ट का आदेश, प्रेम विवाह करने वाले युगलों को मिले सुरक्षा
फाइल फोटो

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार की ओर से प्रेम विवाह करने वाले नव विवाहित दंपत्ति का संरक्षण करने की मंशा जताई है. अदालत ने डीजीपी को कहा कि वे इस संबंध में गाइड लाइन तैयार कर अदालत में पेश करें. अदालत ने यह भी मंशा जताई की ऐसे नव दंपत्तियों की सहायता के लिए हर जिले में महिला आईपीएस अधिकारी की नियुक्ति होनी चाहिए. न्यायाधीश केएस अहलुवालिया की एकलपीठ ने यह आदेश बजरंगलाल की आपराधिक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए.

सुनवाई के दौरान अदालती आदेश की पालना में डीजीपी कपिल गर्ग और एडीजी बीएल सोनी अदालत में पेश हुए. अदालत ने कहा कि प्रेम विवाह करने वाले कई दंपत्ति हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सुरक्षा मांगते हैं. ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां पुलिस उन पर कार्रवाई करती है. इस पर डीजीपी ने अदालत को आश्वस्त किया कि वे ऐसे दंपत्तियों के आश्रय स्थल के लिए राज्य सरकार को अपनी अनुशंषा करेंगे.

याचिका में बताया कि गत 21 नवंबर को याचिकाकर्ता आंधी थाना इलाके में रहने वाली अपनी प्रेमिका के साथ विवाह कर लिया था. दूसरी तरफ प्रेमिका के पिता ने उसके खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज करा दिया. इस पर प्रेमिका ने हाईकोर्ट से सुरक्षा की गुहार की थी. याचिका में कहा गया कि सुरक्षा देने के आदेश होने के बावजूद पुलिस ने याचिकाकर्ता को गिरफ्तार कर निचली अदालत में आरोप पत्र पेश कर दिया था.