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राजस्थान: विधानसभा में कर्जमाफी के मुद्दे पर विपक्ष ने किया वॉकआउट

प्रश्नकाल में पहले सिवाना से आने वाले विधायक हम्मीर सिंह भायल और बाद में राजसमन्द विधायक किरण माहेश्वरी ने कर्ज माफी पर सवाल पूछा.

राजस्थान: विधानसभा में कर्जमाफी के मुद्दे पर विपक्ष ने किया वॉकआउट
कटारिया ने पूछा कि सरकार के दस दिन पूरे हुए या नहीं और नहीं हुए तो वो 10 दिन कब पूरे होंगे?

जयपुर: बुधवार को एक बार फिर राजस्थान विधानसभा में किसानों की कर्ज माफी का मुद्दा गूंजा. प्रश्नकाल के दौरान पहले विपक्ष की तरफ से हमीर सिंह भायल और फिर किरण माहेश्वी ने कर्ज माफी पर सवाल पूछे. इस दौरान सरकार पर आरोप लगाते हुए विपक्ष ने कहा कि सरकार ने अब तक न तो किसानों की कर्ज माफी की पात्रता तय की और न ही ऋण माफी पत्र बांटने का काम शुरू किया. इस दौरान सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन के वेल में आकर नारेबाजी की और बाद में सदन की कार्यवाही से वॉकआउट कर दिया. 

चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश के किसानों से कर्ज माफी का वादा किया था. कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र और चुनावी सभाओं में राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ ही दूसरे नेताओं ने किसानों का कर्जा माफ करने का वादा किया. कांग्रेस नेताओं ने सत्ता में आते ही दस दिन में कर्ज माफी का वादा किया और अब यही वादा सरकार को घेरने का आधार बन रहा है. विधानसभा के पहले सत्र में विपक्ष ने कर्ज माफी के मुद्दे पर सरकार को घेरने की जो रणनीति बनाई लगातार उसी पर चल भी रहा है. 

प्रश्नकाल में पहले सिवाना से आने वाले विधायक हम्मीर सिंह भायल और बाद में राजसमन्द विधायक किरण माहेश्वरी ने कर्ज माफी पर सवाल पूछा. हम्मीर सिंह भायल के सवाल के जवाब में सहकारिता मंत्री उदयलाल अंजना ने कहा कि पात्रता तय होते ही ऋण माफी पत्र जारी कर दिए जाएंगे. इस पर सदन में हंगामा हुआ. हंगामे के बीच ही नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने सवाल पूछा कि सरकार में आने से पहले कांग्रेस ने दस दिन में कर्ज माफी की बात कही थी. कटारिया ने पूछा कि सरकार के दस दिन पूरे हुए या नहीं और नहीं हुए तो वो 10 दिन कब पूरे होंगे?

कटारिया के सवाल के बाद भी विपक्ष के दूसरे विधायक बोलते रहे तो आसन से अध्यक्ष ने अगला सवाल पुकार लिया और इस पर बीजेपी उखड़ गई. पूरा और सही जवाब नहीं आने का आरोप लगाते हुए पहले तो विपक्षी विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी की और बाद में कार्यवाही से वॉकआउट कर दिया. गुलाबचंद कटारिया ने सरकार के पास कर्ज माफी के मुद्दे पर ठोस जानकारी नहीं होने के आरोप लगाए. 

इसके साथ ही विपक्ष की तरफ से थोड़ी ही देर बाद एक बार फिर प्रश्नकाल के दौरान किसान कर्ज माफी का सवाल आया तो सहकारिता मंत्री उदयलाल अंजना ने पात्रता तय होने पर ऋण माफी पत्र बांटे जाने का जवाब दोहरा दिया. इस पर विपक्ष की तरफ से सरकार पर किसानों को धोखा देने का आरोप लगाया गया. किरण माहेश्वरी ने पूछा कि क्या सरकार कांग्रेस को धोखा देने के लिए ही कर्ज माफी की बात कर रही थी? उन्होंने मन्त्रियों की कमेटी की बैठकों और उसके नतीजे को लेकर भी सवाल उठाए. 

मंत्री उदयलाल अंजना ने इस मामले में विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि धोखा देने का काम तो पिछली सरकार का था. अंजना ने किसानों की कर्ज माफी में पारदर्शिता से काम करने की बात करते हुए कहा कि कमेटी दो मीटिंग हुई हैं जिसका फैसला भी जल्द आ जाएगा. अंजना ने कहा कि कर्ज माफी को लेकर पिछली सरकार भी बड़ी गलती कर चुकी थी. सहकारिता मंत्री ने कहा कि कर्ज माफी लागू करने में कोई गलती न हो इसलिए देरी हुई हैं.