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राजस्थान: आधार कार्ड बनवाने के लिए लोगों को अब करनी पड़ सकती है जद्दोजहद

अभी एक आधार सेंटर पर 70 हजार लोगों का बोझ है. सरकारी भवनों में संचालित आधार सेंटर्स पर लोग सुबह आधार बनवाने के लिए लाइन में लगते हैं.

राजस्थान: आधार कार्ड बनवाने के लिए लोगों को अब करनी पड़ सकती है जद्दोजहद
पूरा दबाव अब सरकारी भवनों में चल रहे 1 हजार चुनिन्दा केंद्रों पर आ गया है.

जयपुर: आधारकार्ड की व्यापकता बढने के साथ सरकार अब आधार का 'आधार' घटाने की तैयारी कर रही है. आधार कार्ड बनवाने से लेकर अपडेशन करवाने के लिए लोगों को अब जद्दोजहद करनी पड़ सकती है. हाल ही में केंद्र सरकार 580 आधार सेंटर्स को बंद कर दिया है. वर्तमान में प्रदेश की सात करोड की आबादी पर सिर्फ 1 हजार आधार मशीनें हैं. यानि की अब सिर्फ 1 हजार आधार मशीनों पर आधारकार्ड बनवाने से लेकर अपडेशन का काम हो रहा है.

खबर के मुताबिर अभी एक आधार सेंटर पर 70 हजार लोगों का बोझ है. सरकारी भवनों में संचालित आधार सेंटर्स पर लोग सुबह आधार बनवाने के लिए लाइन में लगते हैं. लेकिन आवेदन करने के बाद आवेदक को एक माह का समय दिया जाता है. आधार कार्ड बनवाने के लिए लोगों को एक-एक माह का इंतजार करना पड़ रहा हैं. यानि दस मिनट का काम एक महीने में हो रहा हैं. पहले निजी केंद्रों पर संचालित हो रहे 17 हजार आधार सेंटर्स को बंद किया गया. हाल ही में यूआईडीएआई ने निजी केंद्रों पर चल रहे करीब 580 आधार सेंटर को ओर बंद कर दिया है. जिससे पूरा दबाव अब सरकारी भवनों में चल रहे 1 हजार चुनिन्दा केंद्रों पर आ गया है.

आधार केंद्रों पर लग रही लंबी लाइनें अब व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं. हर गली मोहल्ले में खुले आधार केंद्र अब केवल डमी बन कर रह गए हैं. आधार निर्माण की केंद्रीय एजेंसी केवल सरकारी भवन में संचालित आधार केंद्र को ही मान्यता दे रही है. ऐसे में प्रदेश में सरकारी भवनों में संचालित चुनिन्दा केंद्रों पर आधार बनवाने और अपडेट करवाने वाले आम नागरिकों की भारी भीड़ नजर आ रही है.

केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सरकार की सभी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को मुख्य दस्तावेजों में शामिल कर लिया है. ऐसे में चाहे पेंशन योजना की राशि हो या फिर किसी इनकम टैक्स की फाइल, सभी के लिए आधार कार्ड मुख्य रूप से अनिवार्य कर दिया है लेकिन इन दिनों शहरवासियों से लेकर ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती जा रही है. यूआईडी के परियोजना अधिकारी सीताराम स्वरूप का कहना है की सरकारी परिसर में ही आधार सेंटर्स चलाने का नियम है. 500 के करीब नए आधार सेंटर्स खोलने के लिए आवेदन आए हैं, जिन्हे दिल्ली मुख्यालय भेजा गया है.

गौरतलब है की जयपुर में आधार केंद्र संचालकों की मानें तो प्रत्येक 10 में से 5 आधार कार्ड लाभार्थी के अन्य दस्तावेजों से मैच नहीं खाते. ऐसे में अपडेट करवाने वालों की भीड़ अधिक रहती हैं. प्रतिदिन में 10 में से 6 लोग केवल आधार सेंटर्स पर आधार अपडेट करवाने के लिए पहुंच रहे हैं. नए आधार बनाने की संख्या केवल 4 है. इसकी वजह पैन कार्ड में नाम या पता अलग होना. आधार मोबाइल नंबर से लिंक नहीं होना सहित अन्य कारण हैं. सरकारी कोशिशें पूरी होंगी तब होंगी लेकिन आम नागरिक आधार को अब जटिल प्रक्रिया मानने लगा है. उनका कहना है कि आधार कार्ड जरूरी भले अनिवार्य कर दें, लेकिन कार्ड बनाने के लिए लगने वाली लाइन को छोटा जरूर करें.

 

आधार केंद्रों पर नामांकन और अपडेशन के लिए लगने वाली लंबी लाइन इसके फायदों के मुकाबले अधिक कष्टदायी प्रतीत हो रही हैं. यूआईडीआई ने निजी आधार केंद्रों को बंद कर दिया है लेकिन विकल्प देने में नाकाम साबित हुआ. फिलहाल बड़ी समस्या यह है कि आधार कार्ड के केंद्रों की संख्या सीमित और आवेदकों की संख्या ज्यादा है. इनमें नामांकन के अलावा संशोधन कराने वालों की तादाद भी अधिक है. ऐसे में लोगों को आधार कार्ड बनवाने के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है.