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राजस्थान: फाइलों में सिमटा जलदाय विभाग का प्रोजेक्ट, लाखों लोगों की उम्मीदें टूटी

जलदाय विभाग की योजना है कि इन क्षेत्रों को बीसलपुर बांध से जोड़कर क्षेत्र में टंकिया बनाकर उन्हें घर घर पाइपलाइन से जोड़ा जाए, ताकि हर घर तक पानी पहुंच सके

राजस्थान: फाइलों में सिमटा जलदाय विभाग का प्रोजेक्ट, लाखों लोगों की उम्मीदें टूटी
इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य करीब 2 साल का था

आशीष चौहान/जयपुर: जयपुर के 3 बड़े इलाके खोनागोरियां, आमेर और जामडोली में सबसे ज्यादा पानी की किल्लत होती है. इसके लिए जलदाय विभाग ने बीसलपुर बांध से जोड़ने के लिए 143 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया था, लेकिन अब यह प्रोजेक्ट फाइलों में ही सिमट कर रह गया है. पिछली सरकार में आचार संहिता से पहले इस प्रोजेक्ट के मंजूरी वित्त विभाग से मिल चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद भी अभी तक फील्ड में काम शुरू नहीं हुआ . हां इतना जरूर है फाइलें एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर तो दौड़ रही है.

इस प्रोजेक्ट के जरिए आमेर, जामडोली और खोनागोरियान में पाइपलाइन बिछाए जाने का प्रस्ताव है. इन इलाकों में अब तक पाइप लाइन बिछी हुई नहीं है और लोगों पानी की सप्लाई जलदाय विभाग की ओर से टैंकर से होती है. जलदाय विभाग की योजना है कि इन क्षेत्रों को बीसलपुर बांध से जोड़कर क्षेत्र में टंकिया बनाकर उन्हें घर घर पाइपलाइन से जोड़ा जाए, ताकि हर घर तक पानी पहुंच सके. लेकिन 5 महीने से जलदाय विभाग सिर्फ सर्वे ही कर रहा है. आलम यह है कि अभी तक तो इंजीनियर सिर्फ प्रोजेक्ट की जगह ही चिन्हित कर रहे हैं. 

बता दें कि इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य करीब 2 साल का था, लेकिन जलदाय विभाग इसी तरह से आगे बढ़ता चला गया तो इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में 20 साल लग सकते हैं. एक तरफ इन तीन बड़े इलाकों में पानी की किल्लत इतनी ज्यादा है कि पानी के लिए रोजाना मारामारी होती है और दूसरी तरफ इंजीनियर्स लगातार लापरवाही बरत रहे है. इन क्षेत्रों में 2 लाख से ज्यादा लोगो को पानी सप्लाई होगा. लेकिन धीमी रफ्तार के बाद अब लाखों लोगों की उम्मीदें टूट रही है.

चीफ इंजीनियर आईडी खान का कहना है कि 'फिलहाल इस प्रोजेक्ट को लेकर जलदाय विभाग लगातार आगे बढ़ रहा है फिलहाल इंजीनियर सर्वे का काम कर रहे हैं. उसके बाद में फील्ड का काम किया जाएगा. इस संबंध में कंपनियों से टेंडर भी हो चुके हैं और जल्द से जल्द इस प्रोजेक्ट का काम शुरू किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में करीब डेढ़ से 2 साल लग जाएंगे जिसके बाद में इन तीनों बड़े इलाकों में जलदाय विभाग बीसलपुर बांध का पानी सप्लाई कर सकेगा.'

जामडोली में 73 हजार आबादी है, जहां इस प्रोजक्ट के लिए 5924.77 लाख, आमेर  में 50 हजार आबादी 2722 लाख रूपए की मंजूरी दे दी है. खो नागोरियान में 75 हजार की आबादी के लिए 5719.82 लाख रूपए पीने के पानी के लिए खर्च किए जाएंगे.

लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर कार इन प्रोजेक्ट्स में इतनी देरी क्यों हो रही है क्यों लगातार इंजीनियर्स की लापरवाही सामने आ रही है. जनता की मुश्किलों को क्यों इंजीनियर लगातार बढ़ाते चले जा रहे हैं वाकई में जलदाय विभाग के अधिकारियों पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं.