राजस्थान: ग्राम सेवा सहकारी समिति में करोड़ो का घोटाला, 40 किसान परिवारों से धोखाधड़ी

ऋण माफ हुए किसानों की लिस्ट मे ऐसे परिवारों के नाम सामने आए जो ग्राम पंचायत खड़ब के निवासी ही नहीं थे. 

राजस्थान: ग्राम सेवा सहकारी समिति में करोड़ो का घोटाला, 40 किसान परिवारों से धोखाधड़ी
मीडिया को देख कर व्यस्थापक सौरभ शर्मा मौके से फरार हो गया.

अमित यादव/कोटपूतली: देश व प्रदेश में सरकार कहीं की भी हो हमेशा किसानों के लिए नई नई घोषणाएं करती रहती है. राज्य में कांग्रेस सरकार ने किसानों की कर्जमाफी के वादे पर इस बार विधानसभा का चुनाव जीता है. इसी मुद्दे पर लोकसभा चुनाव में भी वोट मांगे गए थे. दावा किया गया कि किसानों के सहकारी समितियों से लिए गए 2 लाख रुपये तक के लोन माफ कर दिए गए हैं. लेकिन हकीकत ये है कि लोन उनके माफ किए गए, जिनको कभी लोन मिला ही नहीं था.

लोन उनको मिला जो सहकारी समितियों के सदस्य ही नहीं थे. आप अंदाजा भी नहीं लगा पाएंगे कि लोन माफी के नाम पर सरकारी कर्मचारियों ने कितने बड़े घपले को अंजाम दे दिया है. किसान मांगू सिंह 2 लाख रुपये तक के कर्जमाफी योजना की जानकारी लेने के लिए हाल ही में ई मित्र केंद्र पर पहुचे. लेकिन जब जानकारी मिली तो इनके पांव के नीचे से जमीन खिसक गई. 

ऋण माफ हुए किसानों की लिस्ट मे ऐसे परिवारों के नाम सामने आए जो ग्राम पंचायत खड़ब के निवासी ही नहीं थे. इस पंचायत के एक किसान गुलाब सिंह का नाम जरूर लिस्ट में था जो खड़ब ग्राम पंचायत का निवासी था. लेकिन बड़ी हैरानी तब हुई जब गोकुल ने बताया कि उसने तो कभी लोन लिया ही नहीं था. यानी नियमो को ताक पर रख कर धांधलेबाजी की गई है. सहकारी समिति अपनी पंचायत के सदस्यों को ही लोन दे सकती है. जबकि इस नियम की धज्जियां उड़ा दी गई. और तो और किसानों के पुराने दस्तावेजों से लोन उठाकर उन्हें माफ भी करा लिया गया और वास्तवीक किसानों को पता तक नहीं. खुलासा होने के बाद ग्रामीणों ने राजस्थान सरकार पोर्टल पर इसकी शिकायत की.

मामला खुला तो जांच के लिए कमेटी बनी और सहायक अधिशाषी अधिकारी सीता राम शर्मा ग्राम सहकारी समिति खड़ब पहुंचे. जहां पर उन्होंने समिति के सभी दस्तावेज जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौपने की बात कही. इन्होंने मीडिया के सामने खुलासा करने से इनकार कर दिया लेकिन मीडिया को देख कर व्यस्थापक सौरभ शर्मा मौके से फरार हो गया.

जब जी मीडिया की टीम ग्राम पंचायत खड़ब पहुंची तो किसानों ने अपना दर्द बताया और ग्राम समिति के सामने धरना प्रदर्शन भी कियां किसानों का कहना था उनके साथ अन्याय हुआ हैं इसमे जो भी सबन्धित व्यक्ति है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिये, सरपंच गोकुल चंद आर्य ने बताया कि जब वे जरूरतमंद किसानों को लोन के लिए सहकारी समिति में ले जाते थे तो उन्हें तरह तरह के बहाने बना कर टरका दिया जाता था, लेकिन ई मित्र से जानकारी ली तब इस घोटाले का खुलासा हुआ कि कैसे किसानों के नाम से लोन उठाकर उसे माफ कराया गया. 

इस मामले में सबसे ज्यादा हैरानी भर रवैया तो कोटपूतली के प्रशासनिक अधिकारियों का रहा है खडब गांव में किसान इस फर्जीवाड़े और घोटाले के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और ए डी एम सतवीर सिंह के मुताबिक ये सब उनकी जानकारी में ही नहीं है हालांकि ज़ी मीडिया से उन्होंने घोटालेबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात जरूर कही.

किसानों का दावा है कि ये घोटाला करोड़ों रुपये का हो सकता है, क्योंकि पता नहीं कबसे ये खेल चल रहा था. साथ ही यह मामला अकेले खड़ब पंचायत का ही नहीं है.पास ही में अमरपुरा सहकारी समिति के सदस्य भी ऐसी ही आशंका जता रहे हैं.