राजस्थान: CAA-NRC को लेकर निकाले गए शांति मार्च कारण यातायात व्यवस्ता हुई ठप्प

शांति मार्च के कारण लो-फ्लोर, ऑटो और मिनी बसें सहित इंटरनेट बंद रहा. यहां तक कि, दिल्ली और आगरा जाने वाली रोडवेज बसों को रूट में भी बदलाव किया गया.

राजस्थान: CAA-NRC को लेकर निकाले गए शांति मार्च कारण यातायात व्यवस्ता हुई ठप्प
जयपुर मैट्रो का भी प्रदर्शन को देखते हुए सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक संचालन नहीं हो सका.

राजस्थान: नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ देश में चल रहे हिंसक प्रदर्शन के बीच अल्बर्ट हॉल से गांधी सर्किल तक शांति मार्च निकाला गया. विरोध प्रदर्शन के चलते लो-फ्लोर, ऑटो और मिनी बसें सहित इंटरनेट बंद रहा. लो-फ्लोर बस सुबह से शाम चार बजे तक बंद रही. दिल्ली और आगरा जाने वाली रोडवेज बसों को रूट में भी बदलाव किया गया.

वहीं, जयपुर मैट्रो का भी प्रदर्शन को देखते हुए सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक संचालन नहीं हो सका. इसके अलावा शराब की दुकानें बंद रहीं. राजधानी में 250 लो-फ्लोर बसों का संचालन किया जाता है. बसें सांगानेर, विद्याधर, और टोडी डिपो से संचालन किया जाता है. ऐसे में रविवार को सभी डिपो से बसों का संचालन बंद रहा. लो-फ्लोर बसों में रोज दो लाख यात्री सफर करते हैं. 

ऐसे में बसें नहीं चलने से दो लाख यात्रियों को आवागमन में परेशानी हुई. उधर कानून व्यवस्था की स्थिति को कंट्रोल करने और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए सोश्यल मीडिया पर पाबंदी रखी गई. इसके लिए जयपुर में सुबह 6 बजे से लेकर रात 8 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रही. इंटरनेट बंद होने के कारण कैब बुकिंग सहित ऑनलाइन व्यापार ठप्प रहा. रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट पर यात्री ओला, उबर बुक कराने के लिए परेशान होते हुए दिखाई दिए.

बता दें कि एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ आज जयपुर में कांग्रेस सहित सात राजनीतिक दलों और सिविल सोसायटी की ओर से शांति मार्च का आयोजन हुआ. जयपुर के अल्बर्ट हॉल से लेकर महात्मा गांधी सर्किल तक करीब 3 किलोमीटर लंबा मौन जुलूस निकाला गया, जो गांधी सर्किल पर जाकर सभा में तब्दील हो गया. इस मौन जुलूस के जरिए देशभर के हिंसक प्रदर्शनों के बीच एक नजीर पेश करने की कोशिश भी की गई. देशभर को शादी का पैगाम जयपुर की धरती से शांति का पैगाम दिया गया.

कार्यक्रम के जरिए जहां समान विचारधारा के दलों ने सिविल सोसाइटी के साथ मिलकर अपनी ताकत दिखाई, वहीं देश में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाली ताकतों का पुरजोर विरोध भी किया गया, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साफ शब्दों में कह दिया कि राजस्थान में एनआरसी और सीएए को लागू नहीं होने दिया जाएगा.