close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान: विधानसभा में दूसरे दिन भी हंगामें की भेट चढ़ा प्रश्नकाल, नेताओं ने की नारेबाजी

करीब आधे घंटे तक तो प्रश्नकाल ठीक से चलता रहा, लेकिन जैसे ही उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ का प्रश्न आया, सदन का माहौल ही बदल गया. 

राजस्थान: विधानसभा में दूसरे दिन भी हंगामें की भेट चढ़ा प्रश्नकाल, नेताओं ने की नारेबाजी
करीब आधे घंटे तक सदन में हंगामा बरपा रहा.

जयपुर: विधानसभा में लगातार दूसरे दिन प्रश्नकाल का आधा समय हंगामे की भेंट चढ़ गया. खातेदारी भूमि पर बजरी खनन के पट्टे संबंधी राजेन्द्र राठौड़ के सवाल पर सदन में हंगामा हुआ. भाजपा विधायकों ने सदन के वेल में आकर सरकार के साथ ही स्पीकर सीपी जोशी के खिलाफ भी नारेबाजी की. नारेबाजी के कारण कई प्रश्न स्थगित हो गए.

विधानसभा के प्रश्नकाल में मंगलवार को भी हुआ जिसका पहले से अंदेशा था. करीब आधे घंटे तक तो प्रश्नकाल ठीक से चलता रहा, लेकिन जैसे ही उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ का प्रश्न आया, सदन का माहौल ही बदल गया. राठौड़ ने खातेदारी जमीन पर बजरी खनन के पट्टे से जुड़ा सवाल पूछा. मंत्री प्रमोद जैन भाया ने जवाब देते हुए कहा कि खनन पट्टा आवंटन हेतु 216 आशय पत्र जारी किए गए हैं. खनन नीति विचाराधीन है जो शीघ्र ही जारी की जाएगी. भाया ने बताया कि 1 हैक्टेयर तक के लिए खनन के अनुमति पत्र जारी किए जा रहे हैं.

इनके बाद राजेंद्र राठौड़ ने पूरक प्रश्न करते हुए पूछा कि सुप्रीम कोर्ट में निर्णय हुआ था कि बजरी खनन पूर्व साइंटिफिक अध्ययन की जरूरत है, तो क्या जहां पट्टे जारी किए हैं. वहां साइंटिफिक अध्ययन हो गया? इसके बाद जैसे ही राठौड़ ने आगे सवाल किया, तो विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने पूरक प्रश्न के तरीके पर आपत्ति की और राजेन्द्र राठौड़ को बोलने से रोक दिया. इस पर राजेन्द्र राठौड़ सहित भाजपा के तमाम विधायक अपनी जगह पर खड़े हो गए. राजेंद्र राठौड़ ने स्पीकर से बहस करते हुए कहा कि ऐसे रोकोगे तो फिर प्रश्न पूछना ही बन्द हो जाएगा.

राठौड़ व स्पीकर के बीच हल्की नोकझोंक हुई तो राठौड़ सहित भाजपा विधायक वेल में आ गए और नारेबाजी की. भाजपा सदस्यों ने कहा की मंत्री जवाब की तैयारी करके नहीं आए. इसलिए स्पीकर जवाब नहीं दिलाना चाहते. भाजपा सदस्यों ने स्पीकर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि सरकार को बचाना बन्द करें. इस बीच अध्यक्ष ने भी भाजपा विधायकों को सदन से बाहर निकालने की धमकी दी. करीब आधे घंटे तक सदन में हंगामा बरपा रहा. इस दौरान कुछ प्रश्न स्थगित हो गए, तो कुछ का जवाब सदन में सुनाई ही नहीं पड़ा. हंगामे के कारण प्रश्न काल का आधा समय जाया हो गया, लेकिन इस बहाने एकजुट भाजपा विधायकों ने यह संकेत जरूर दे दिया कि वे किसी भी मामला में सरकार को वॉकओवर नहीं लेने देंगे. यह लगातार दूसरा दिन है जब प्रश्नकाल में सदन के कुछ मंत्री ज्यादा तैयारी के साथ नजर नहीं आए.

(इनपुट-शशि मोहन, भरत राज, सुशान्त पारीक)