राजस्थान न्यूज: खाने में मिलावट करने वालों की खैर नहीं, 15 मिनट में ऐसे चलेगा मिलावट का पता
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राजस्थान न्यूज: खाने में मिलावट करने वालों की खैर नहीं, 15 मिनट में ऐसे चलेगा मिलावट का पता

राजस्थान न्यूज: खाने में मिलावट करने वालों की अब खैर नहीं है. केवल 15 मिनट में यह पता चल सकेगा कि क्या खाद्य पदार्थों में मिलावट है या नहीं और अगर मिलावट है तो कितनी है.

राजस्थान न्यूज: खाने में मिलावट करने वालों की खैर नहीं, 15 मिनट में ऐसे चलेगा मिलावट का पता

Sikar: सीकर जिले के उपभोक्ता मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच मौके पर ही करवा सकेंगे. केवल 15-20 मिनट में यह भी पता चल जाएगा कि उन पदार्थों में कितनी मिलावट है. रिपोर्ट आने के बाद विभाग की टीम संबंधित दूषित खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट करवा सकेगी.

 डॉ निर्मल सिंह ने स्वास्थ्य भवन से हरी झंडी दिखाई

जिले को राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध करवाई गई मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब मोबाइल वैन को गुरूवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ निर्मल सिंह ने स्वास्थ्य भवन से हरी झंडी रवाना किया.

लेखा अधिकारी राजीव महला मौके पर मौजूद

इस मौके पर लेखा अधिकारी राजीव महला, संस्थापन अधिकारी राधेश्याम मीणा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी मदनलाल बाजिया, महमूद अली, नंदराम मीणा सहित स्वास्थ्य भवन में कार्यरत सभी कर्मचारी मौजूद थे.

सीएमएचओ डॉ निर्मल सिंह ने बताया कि यह मोबाइल वैन मिलावटी पदार्थों की जांच के साथ-साथ उपभोक्ताओं और व्यापारियों को मिलावट को लेकर जागरुक भी करेगी. यह लैब निर्धारित शैड्यूल के तहत अलग-अलग जगहों, बाजारों, मेलों और बड़े-बड़े समारोह में भेजी जाएगी. 

आमजन मौके पर ही खाद्य पदार्थों की शुद्धता की निशुल्क जांच कराकर रिपोर्ट ले सकेंगे. शैड्यूल के अनुसार क्षेत्र का कोई भी उपभोक्ता मौके पर दूध, दूध से बने पदार्थ, आटा, दाल, चावल, तेल, घी, मसाले, ठंडे पेय पदार्थ तथा पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की जांच करा सकेगा.

फूड सेफ्टी स्टेण्डर्ड ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने चिकित्सा विभाग सीकर को एक मॉर्डन फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स उपलब्ध करवाई है. मोबाइल लैब में मिल्क एनालाइजर, हॉट एयर ओवन, हॉट प्लेट, मिक्सर ग्राइंडर, डिजिटल वेइंग स्केल, डिजिटल मल्टी पैरामीटर, हेड हेल्ड मीटर, डिजिटल रिफ्रेक्टोमीटर आदि जांच के अत्याधुनिक उपकरण मौजूद है.

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा दूध में फैट की मात्रा, मिलावट वाले स्टार्च, यूरिया, पानी में जीएच, टीडीएस, कंडक्टिविटी जैसे रसायनों की जांच मौके पर ही की जा सकेगी. सुरक्षा के संबंध में जनता को व्यापक स्तर पर जागरूक करने के लिए एलईडी, रिपोर्ट देने के लिए प्रिंटर व डेटा के लिए कंप्यूटर उपलब्ध रहेगा.

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