राजस्थान: पुलवामा के शहीदों के परिजनों को राज्य सरकार देगी 25 लाख मुआवजा

पुलवामा जिले के अवंतिपोरा इलाके में आतंकवादियों के हमलेे में मारे गए राजस्थान के 5 जवान भी शामिल हैं. 

राजस्थान: पुलवामा के शहीदों के परिजनों को राज्य सरकार देगी 25 लाख मुआवजा
राज्य के सैनिक कल्याण विभाग मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास. (फोटो साभार: facebook)

जयपुर: जम्मू-कश्मीर में हमले में जान गंवाने वाले राजस्थान के 5 सीआरपीएफ जवानों को राज्य सरकार ने 25 लाख रुपए मुआवजे के तौर देने की घोषणा की है. इस संबंध में सैनिक कल्याण विभाग मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने शुक्रवार को बताया कि राज्य सरकार ने पुलवामा में शहीद होने वाले इन जवानों के परिजनों को 25 लाख रुपए मुआवजा देने का निर्णय लिया है.

आपको बता दें कि, जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतिपोरा इलाके में आतंकवादियों द्वारा गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाते हुए हमला किया गया जिसमे कम से कम 44 जवान शहीद हो गए. इस हमले में शहीद हुए जवानों में राजस्थान के 5 जवान भी शामिल हैं. आतंकी हमले में शाहपुरा के रोहिताश लांबा, धौलपुर के भगीरथ सिंह, कोटा के हेमराज और राजसमंद के नारायण लाल के अलावा भरतपुर के रहने वाले रमन का नाम शामिल है.

इस हमले के बाद सीएम अशोक गहलोत ने भी ट्वीट करते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की थी. शहीद हुए जवानों के प्रति शोक व्यक्त किया. उन्होंने लिखा, 'मैं पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर कायरतापूर्ण आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं, जिसमें हमारे कई बहादुर सीआरपीएफ जवान शहीद हुए हैं. ऐसी क्रूरता को परास्त करना होगा. संपूर्ण राष्ट्र शहीदों के परिवारों के साथ एकजुटता के साथ खड़ा है. मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं'.

हमले में शहीद हुए राजस्थान के जवान में से एक शहीद रोहिताश लांबा ने 2 साल पहले ही आर्मी ज्वाइन की थी और लगभग एक साल पहले ही उन्होंने शादी की थी. वहीं, शहीद भगीरथ सिंह करीब 8 वर्ष पूर्व सीआरपीएफ में शामिल हुए थे और उनका एक बेटा है. कोटा के हेमराज भी पिछले 18 सालों से देश की सेवा कर रहे थे लेकिन इस हमले में वह शहीद हो गए. शहीद हेमराज अपने पीछे अपनी पत्नी और 4 बच्चों को छोड़ गए हैं. 

आपको बता दें कि, इस शहादत की घटना के बाद राज्य के कई जिलों में आम लोगों ने शहीदों की याद में कैंडल लाइट मार्च निकाला है. इसके अलावा दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को याद भी किया है. वहीं, घटना के बाद राज्य के युवाओं के द्वारा पाकिस्तान परस्त इस नापाक हरकत का विरोध भी जारी है.