चाय बेचकर पढ़ाई करने वाला युवक बना शिक्षक, PM मोदी को मानता है आदर्श

चेतन सुबह एक निजी स्कूल में पढ़ाने जाते थे और वहां से आकर पिता का चाय का ठेला संभालते थे.

चाय बेचकर पढ़ाई करने वाला युवक बना शिक्षक, PM मोदी को मानता है आदर्श
चेतन अपने गांव में युवाओं के रोल मॉडल हैं.

हनुमान तंवर/डीडवाना: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अक्सर कहते हैं कि जब एक चाय वाला देश का प्रधानमंत्री बन सकता है तो फिर जीवन में कुछ भी असंभव नहीं है. पीएम मोदी की इसी बात को साकार किया है नागौर के मीण्डा गांव के चेतन सिंह ने, जिन्होंने चाय का ठेला लगाते हुए पढ़ाई भी की और इस तरह समाज को राह दिखाने वाले शिक्षक बन गए.

नागौर जिले के अंतिम छोर पर बसा नावां तहसील का छोटा सा गांव मिंडा जहां चाय के ठेले पर चाय बनाता युवक चेतन सिंह जो आज पुरे गांव के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है. आपको बता दें कि चेतन सिंह सुबह निजी स्कूल में पढ़ाने जाता, फिर अपने पिता के चाय के ठेले पर चाय बनाता. रात में पढ़ाई करता था. अपनी इसी लगन और मेहनत के दम पर चेतन को सफलता मिली और वह शिक्षक बन गया. आज वह युवाओं का रोल मॉडल है खास बात यह है कि उसकी सफलता का पूरा गांव जश्न मना रहा है. 

गांव के लोगों का कहना है कि चेतन सिंह के पिता महेंद्र सिंह चाय का ठेला लगाकर अपने परिवार का पालन करते हैं. चेतन सुबह एक निजी स्कूल में पढ़ाने जाता था और वहां से आकर पिता का चाय का ठेला संभालता. गांव वालों की मानें तो तमाम मुश्किलों के आगे उसने घुटने नहीं टेके, शिक्षक बनने के लिए वह रात को पढ़ाई करता था. आखिरकार उसकी मेहनत रंग लाई और उसका चयन शिक्षक ग्रेड सेकंड में हो गया. जिसकी वजह से पूरे गांव आज उसपर गर्व है.

वहीं चेतन सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना आदर्श मानता है. उसका कहना है कि मोदी चाय बेचकर पीएम बन सकते हैं तो मैं शिक्षक क्यों नहीं बन सकता. यही सोचकर अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करता रहा और उसकी सफलता इसी मेहनत का नतीजा है.

चेतन सिंह उन युवाओं के लिए एक नजीर हैं जो अपने आर्थिक हालात के कारन जिंदगी में आगे नहीं बढ़ पाते. जिस तरह चेतन सिंह ने अपनी जिंदगी की हर परीक्षा में सफलता प्राप्त की उसी प्रकार सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ा जाए तो जिंदगी में कुछ भी नामुमकिन नहीं है.