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गहलोत सरकार ने तैयार किया जवाबदेही कानून, आज आधिकारिक तौर पर हो सकता है लागू

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कार्यभार संभालने के बाद किसान कर्जमाफी, बेरोजगारी भत्ता, निशुल्क दवा योजना और पेंशन में बढ़ोतरी के बाद अब जवाबदेही कानून को जमीनी स्तर पर उतार दिया है.  

गहलोत सरकार ने तैयार किया जवाबदेही कानून, आज आधिकारिक तौर पर हो सकता है लागू
जवाबदेही कानून का पहला स्तर गुड गवर्नेंस है.

जयपुर: लोकसभा चुनाव से पहले राजस्थान की गहलोत सरकार ने अपने जनघोषणा पत्र के अहम बिंदू जवाबदेही कानून को जमीनी धरातल पर उतार दिया है. राजस्थान के विधि विभाग ने जवाबदेही कानून को ऑर्डिनेंस के जरिए मंजूरी दे दी है. इस कानून के लागू होते ही जनता को उनकी मूलभूत सुविधा का हक मिल सकेगा. इसके साथ ही जवाबदेही कानून लागू करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बन जाएगा. इस कानून के आधिकारिक आदेश आज जारी किए जा सकते हैं. 

जवाबदेही कानून के लागू होने के बाद अब अधिकारियों को बताना होगा कि फाइल क्यों रुकी? पेंशन क्यों रुकी? सेवा क्यों अटकी? गली मोहल्ले में बिजली क्यों गई? यानि अब अधिकारियों को अपने हर कदम का जवाब देना होगा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कार्यभार संभालने के बाद किसान कर्जमाफी, बेरोजगारी भत्ता, निशुल्क दवा योजना और पेंशन में बढ़ोतरी के बाद अब जवाबदेही कानून को जमीनी स्तर पर उतार दिया है. 

जवाबदेही कानून का पहला स्तर गुड गवर्नेंस है. ऊपर से लेकर नीचे स्तर तक के अधिकारी इसके तहत जनता के प्रति जवाबदेह होंगे. वहीं जो भी अधिकारी या कर्मी गलत काम करेंगे या समय पर सेवाओं को नहीं प्रदान करेंगे तो वह जवाबदेह होंगे, यह भी इसमें अहम बिंदु है. 

जिस तरह से सेंट्रल में केंद्रीय सूचना आयोग है. वैसे ही राज्य में राज्य सूचना आयोग है. इन आयोगों का काम किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होगा. उनकी शक्तियां भी पहले की तरह जारी रहेंगी. नरेगा में जैसे सामाजिक अंकेक्षण का सिस्टम है वह भी इस कानून का एक भाग हो जाएगा. केंद्र के किसी कानून से छेड़छाड़ नहीं होगी लेकिन राजस्थान में मिलते जुलते एक्ट्स को मर्ज किया जाएगा.