जयपुर: जोधपुर, कोटा निकाय चुनाव से पहले गहलोत सरकार का मास्टर स्ट्रोक, शुरू की मेट्रो

यूडीएच मंत्री के निर्देश के बाद मेट्रो (Metro) प्रशासन ने फेज 1 बी का ट्रायल रन भी शुरू कर दिया है. इसके बाद करीब 45 दिन तक ये ट्रायल रन जारी रहेगा. 

जयपुर: जोधपुर, कोटा निकाय चुनाव से पहले गहलोत सरकार का मास्टर स्ट्रोक, शुरू की मेट्रो
राज्य सरकार प्राथमिकता से जयपुर मेट्रो के फेज वन बी का कमर्शियल रन शुरू करने की तैयारी में जुटी है.

रोशन शर्मा, जयपुर: राजधानी में होने वाले निकाय चुनाव से पहले राजधानी के बाशिंदों को परकोटे में मेट्रो (Metro) की सौगात मिलने जा रही है. इसके लिए राज्य सरकार ने प्रयास शुरू कर दिए हैं. 

बड़ी बात यह है कि यूडीएच मंत्री के निर्देश के बाद मेट्रो (Metro) प्रशासन ने फेज 1 बी का ट्रायल रन भी शुरू कर दिया है. इसके बाद करीब 45 दिन तक ये ट्रायल रन जारी रहेगा. इस दौरान रेलवे सेफ्टी कमिश्नर मेट्रो का दौरा होगा, जो मेट्रो (Metro) के कमर्शियल रन को अंतिम मंजूरी देंगे. इसके बाद मेट्रो फेस वन बी आमजन के लिए शुरू किया जा सकेगा. 

भले ही जयपुर शहर के दोनों नगर निगम, हेरिटेज जयपुर और ग्रेटर जयपुर में चुनाव होने में अभी वक्त है लेकिन उससे पहले ही राज्य सरकार प्राथमिकता से जयपुर मेट्रो के फेज वन बी का कमर्शियल रन शुरू करने की तैयारी में जुटी है. इसके लिए सरकार के निर्देश के बाद मेट्रो प्रशासन ने इसका ट्रायल रन भी शुरू कर दिया है. फिलहाल ट्रायल रन जारी है और यह करीब डेढ़ महीने तक चलेगा. इसके बाद कमिश्नर रेलवे सेफ्टी इसका दौरा कर इसके कमर्शियल रन को मंजूरी दे देंगे. इसके बाद चांदपोल से बड़ी चौपड़ और बड़ी चौपड से चांदपोल तक मेट्रो का संचालन शुरू हो जाएगा.

क्या-क्या होंगे इसके फायदे
मेट्रो के संचालन से जहां वॉल सिटी के बाशिंदों को जाम से निजात मिलेगी, वहीं पर्यावरण की दृष्टि से भी जयपुर मेट्रो अहम होगी. बड़ी बात यह है कि परकोटे में मेट्रो के संचालन शुरू होने से जहां मेट्रो प्रशासन को अच्छे खासे राजस्व का फायदा होगा, वहीं सूबे की सरकार को इसका चुनावी फायदा भी मिलेगा. ऐसे में इन निकायों के चुनाव में जयपुर मेट्रो अहम रोल अदा करने वाली है. 

करीब 1126 करोड़ रूपये के इस प्रोजेक्ट की नींव कांग्रेस सरकार में सितंबर 2013 में रखी गई थी लेकिन बीच में सरकार बदलने पर काम की गति धीमी हो गई. अब राजधानी सहित अन्य दो बडे शहर के नगर निगम चुनाव (Municipal Election) से पहले राज्य सरकार ये प्रोजेक्ट जनता को समर्पित करना चाहती है.