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राजस्थान चुनाव: रुझानों के मुताबिक वसुंधरा राजे और सचिन पायलट जीत की ओर

 टोंक से कांग्रेस के सचिन पायलट 5295 वोटों से आगे चल रहे हैं. जबकि उदयपुर की बात करें तो उदयपुर ग्रामीण से बीजेपी के फूलचंद मीणा 1600 सीटों से आगे है

राजस्थान चुनाव: रुझानों के मुताबिक वसुंधरा राजे और सचिन पायलट जीत की ओर
रुझानों के मुताबिक झालरापाटन से वसुंधरा राजे आगे चौथे राउंड में 8845 वोटों से आगे चल रही हैं

जयपुर: राजस्‍थान विधानसभा चुनाव के परिणामों के लिए मतगणना की प्रक्रिया आज (मंगलवार) को सुबह 8 बजे से शुरू हो चुकी है.  अभी तक के रुझानों के मुताबिक झालरापाटन से वसुंधरा राजे आगे चौथे राउंड में 8845 वोटों से आगे चल रही हैं. वहीं टोंक से कांग्रेस के सचिन पायलट 5295 वोटों से आगे चल रहे हैं. जबकि उदयपुर की बात करें तो उदयपुर ग्रामीण से बीजेपी के फूलचंद मीणा 1600 सीटों से आगे है. 

वहीं रुझानों के अनुसार राजसमंद से बीजेपी की किरण माहेश्वरी 6200 वोटों से आगे हैं. वहीं खींवसर से आरएलपी के हनुमान बेनीवाल 3800 वोटों से आगे चल रहे हैं. वहीं इस सब के बीच बीजेपी जीत को लेकर इतनी आश्वस्त नजर आ रही है कि पार्टी ने बीजेपी ने सभी प्रत्याशियों को जीतने के बाद तुरंत जयपुर पहुंचने के निर्देश भी दे दिए हैं. 

बता दें कि सीएम राजे इस सीट से चौथी बार चुनाव लड़ा हैं. वह यहां से पहले तीन बार चुनाव जीत चुकी हैं. वहीं हाल ही में बीजेपी को छोड़ कांग्रेस में आए मान्वेंद्र सिंह क बात करें तो बीजेपी के कद्दावर नेता जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह ने जब बीजेपी छोड़ कांग्रेस का दामन थामा तो कांग्रेस ने उन्हें विधानसभा चुनाव में राजस्थान बीजेपी के सबसे ताकतवर नेता और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ झालरापाटन सीट से मैदान में उतार दिया. दोनों के आमने-सामने होने से यह सीट पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बना हुआ है. 

जबकि पिछले तीन चुनावों की बात करें तो वसुंधरा राजे ने विधानसभा 2003 के चुनाव में झालरापाटन विधानसभा सीट से कांग्रेस की रमा पायलट को 27000 से करारी शिकस्त दी थी. वहीं 2008 चुनाव में कांग्रेस के मोहनलाल राठौड़ को वसुंधरा राजे के हाथों हार का मुंह देखना पड़ा तो 2013 के चुनाव में वसुंधरा राजे ने करीब 60000 मतों से कांग्रेस की मीनाक्षी चंद्रावत को करारी शिकस्त देकर जीत का सिलसिला बरकरार रखा. 

वहीं सचिन पायलट की बात करें तो तो पायलट को साल 2014 में राजस्थान कांग्रेस की कमान सौंपी गई. उन्हें कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष पद को संभालने को कहा गया. प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर कांग्रेस ने उन्हें अहम जिम्मेदारी दी है. वहीं, लोकसभा चुनाव 2014 में शिकस्त खाने के बाद वह 2018 में विधानसभा चुनाव के मैदान में उतर गए हैं. सचिन पायलट यहां टोंक विधानसभा सीट से नामांकन कराया है. सचिन पायलट कांग्रेस के युवा नेता है. वहीं, इस बार सचिन पायलट को ही कांग्रेस समर्थक अपना सीएम उम्मीदवार मान रहे हैं. बीजेपी ने इस सीट पर युनुस खान को सचिन पायलट के खिलाफ चुनावी रण में उतारा था.

हालांकि जीत को लेकर प्रदेश में बीजेपी पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रही है. जीत को लेकर कांग्रेस के दावों पर बीजेपी ने तंज करते हुए कहा कि कांग्रेस एक बिना लीडर के पार्टी है. प्रदेश में कांग्रेस की हवा है कि नहीं इस बात का फैसला भी थोड़ी ही देर में हो जाएगा. राजस्थान में जनता ने वसुंधरा राजे के काम को देखते हुए वोट किया है इसलिए प्रदेश में सरकार तो बीजेपी ही बनाएगी. बता दें कि हाल ही में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी भाजपा मुख्यालय में एक बैठक में हिस्सा लेने के बाद मीडिया से कहा था कि 'भाजपा राज्य में सरकार बनाएगी और किसी भी पार्टी कार्यकर्ता को इस बारे में चिंतित नहीं होना चाहिए'.

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