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असम: फॉरेस्ट विभाग की टीम ने 2 कुख्यात शिकारियों को किया गिरफ्तार

दोनों दुर्दांत शिकारियों के पास से पॉइंट 303 के 2 राइफल्स के साथ, जंगल का रेकी किया हुआ नक्शा, दूरबीन, मोटरसाइकिल और एक मोबाईल फ़ोन भी बरामद किया गया हैं.

असम: फॉरेस्ट विभाग की टीम ने 2 कुख्यात शिकारियों को किया गिरफ्तार
गिरफ्त में आए दोनों मोस्ट वांटेड शिकारियों के खिलाफ विश्वनाथ जिले जिंजिया पुलिस चौकी में CIR/04/2019 के तहत केस दर्ज कर लिया गया हैं.

गुवाहाटी: असम के विश्वनाथ जिले के विश्वनाथ चारिआली वन्य जीव प्रखंड के क्राइम इन्वेस्टीगेशन टीम और जिंजिया पुलिस चौकी के संयुक्त अभियान से शनिवार तड़के 2 कुख्यात गैंडे के शिकारी को जंगलों के पास से गुजरती राष्ट्रीय राजमार्ग 15 स्थित क्रिस्टल मेज बाघामारी गांव से गिरफ्तार किया.

असम के वन्य विभाग के तरफ से बताया गया हैं की दोनों कुख्यात शिकारी मोहम्मद हबित अली और मोहम्मद अब्दुल सोहिद की तलाश में विश्वनाथ जिले के वाइल्डलाइफ क्राइम इन्वेस्टीगेशन टीम कई दिनों से लगी हुई थी. गोपनीय सूचना के आधार पर विश्वनाथ जिले के जिंजिया पुलिस के सहयोग से दोनों शिकारियों को उस वक़्त गिरफ्तार किया गया जब दोनों गैंडे की शिकार में मौके की ताक़ में थे.

दोनों दुर्दांत शिकारियों के पास से पॉइंट 303 के 2 राइफल्स के साथ, जंगल का रेकी किया हुआ नक्शा, दूरबीन, मोटरसाइकिल और एक मोबाईल फ़ोन भी बरामद किया गया हैं. फॉरेस्ट विभाग के अनुसार ये दोनों शिकारी स्थानीय हैं और इस गैंग से जुड़े एक अन्य शिकारी हनीफ अली को भी इस वर्ष जनवरी में पकड़ा गया था. विश्वनाथ जिले के वन्य विभाग के 2 टीमों के इस ऑपरेशन को क्राइम इन्वेस्टीगेशन रेंज के रेंजर प्रांजल बरुआ, विश्वनाथ चारअली के डीएसपी मुस्सबर रहमान और जिंजिया पुलिस थाना प्रभारी बिस्वजीत मेधी ने अंजाम दिया था.   

गिरफ्त में आए दोनों मोस्ट वांटेड शिकारियों के खिलाफ विश्वनाथ जिले जिंजिया पुलिस चौकी में CIR/04/2019 के तहत केस दर्ज कर लिया गया हैं.. वन्य विभाग के इस कामयाबी को असम के वन्य मंत्री परिमल शुक्ल बैद्य ने सराहते हुए कहा कि असम में गैंडे और दूसरे जीव-जंतुओं के अवैध शिकार पर पूरी तरह से लगाम कसने के लिए जनता को आगे आकर सहयोग करना पड़ेगा, तभी वन्य जीव सुरक्षित रह पाएंगे. 

बता दें कि पूरी दुनिया में केवल असम में ही विश्व प्रसिद्ध एक सींग के गैंडे पाए जाते हैं और असम के 5 राष्ट्रीय उद्यान- काज़ीरंगा, मानस, डिब्रुसेखोवा, नामेरी और ओरांग नेशनल पार्क के अलावा 18 वन्य जीव अभ्यारण्यों में आये दिन शिकारी और फॉरेस्ट गार्ड्स के बीच मुठभेड़ की ख़बरें आती रहती हैं. राहत की बात यह है कि असम में 2016 में आई सर्बानन्द सोनोवाल सरकार ने लगातार हो रहे अवैध शिकार को गंभीरता से लेते हुए वन्य विभाग को अत्याधुनिक हथियारों से लैस और वन्य सुरक्षा बल की ताक़त को बढ़ाने का काम किया.