ऐसे समझें दिल्ली दंगों की क्रोनोलॉजी, हिंसा के लिए की गई थी बारीक प्लानिंग

दिल्ली दंगों (Delhi riots) की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (special cell) ने कोर्ट में चार्जशीट जमा कर हिंसा की पूरी क्रोनोलॉजी जमा की है. इस क्रोनोलॉजी में बताया गया है कि दंगों के प्रायोजकों ने हिंसा से पहले बारीकी से पूरी प्लानिंग की थी.

ऐसे समझें दिल्ली दंगों की क्रोनोलॉजी, हिंसा के लिए की गई थी बारीक प्लानिंग
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली: दिल्ली दंगों (Delhi riots) की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (special cell) ने कोर्ट में चार्जशीट जमा कर हिंसा की पूरी क्रोनोलॉजी जमा की है. इस क्रोनोलॉजी में बताया गया है कि दंगों के प्रायोजकों ने हिंसा से पहले बारीकी से पूरी प्लानिंग की थी. इनमें दंगों के लिए लोगों को जुटाने, उनके ठहरने और भोजन का इंतजाम और फिर मीडिया में ब्लेम गेम कर दूसरे पक्ष पर आरोपबाजी भी शामिल थी.

 दिल्ली के चांद बाग एरिया में 16-17 फरवरी की रात को एक मीटिंग हुई थी. इसी मीटिंग में सजिशकर्ताओ ने फैसला किया कि प्रदर्शन पूरी दिल्ली में आयोजित किया जाएगा. नार्थ ईस्ट, शाहदरा, साउथ डिस्ट्रिक्ट, चांद बाग, जफराबाद एरिया को प्रदर्शन के हॉटस्पॉट के तौर पर चिन्हित किया गया.

22 फरवरी 2020: रात 8.30 बजे  जाह्नवी मित्तल ने तरबेज की पत्नी कुसुम तरबेज को कॉल किया. इसके बाद तीन लंबे कॉल राहुल रॉय को किए गए. राहुल रॉय उस समय गुरुग्राम अपार्टमेंट में था. जहांगीरपुरी प्रदर्शन में मैन पावर और सक्षमता जानने के बाद राहुल रॉय ने फिर जानवी मित्तल को कॉल किया और तकरीबन 20 min तक बात की.  इसके बाद 23 फरवरी 2020 के लिए स्टेज तैयार किया गया.

23 फरवरी 2020: सुबह 8.41 min पर तरबेज ने जाह्नवी मित्तल को कॉल किया और उसे अपने पास उपलब्ध मैन पावर और लॉजिस्टिक्स की जानकारी दी.  जाह्नवी  ने तरबेज से कहा कि वो शाहीन बाग प्रदर्शन स्थल की तरफ जाए. इसके बाद तरबेज जहांगीरपुरी से 300 महिला प्रदर्शनकारियों को शाहीनबाग ले गया. जबकि उन्हें नार्थ ईस्ट दिल्ली नही ले जाया गया, जहां प्रदर्शन होने थे.

तरबेज 6 बस और एक ट्रक में महिलाओं को भरकर दोपहर 1 बजकर 3 min पर मोरी गेट पहुचा ही था कि जाह्नवी ने तरबेज को कॉल किया और कहा कि महिलाओं को शाहीनबाग के बाद जाफराबाद लेकर आओ. इस बीच सुबह 10.30 बजे जाह्नवी ने राहुल रॉय से तकरीबन 15 min फोन पर बात की. इसी समय सुबह 10.30 बजे तरबेज बस का अरेंजमेंट कर महिलाओ को उनमें बिठा रहा था.

तरबेज शाहीन बाग पहुचने के बाद शाम 4.30 बजे महिलाओं को 6 बस और एक ट्रक में बिठाकर जाफराबाद के लिए निकल गया. वह 1 घण्टा 15 min में 22 किमी का सफर तय कर जाफराबाद पहुंच गया. 

 23 फरवरी 2020 को पिंजरा तोड़ ग्रुप की सदस्य देवांगना कलिता ने राहुल रॉय को कॉल किया. उस समय राहुल रॉय गुरुग्राम में था. देवांगना ने उसे बताया कि जहांगीरपुरी से आई 300 महिलाएं जाफराबाद पहुंच गई हैं. बाद में यही महिलाएं सीएए का समर्थन कर रहे दूसरे प्रदर्शनकारियों से भिड़ गई और जाफराबाद हिंसा में भाग लिया. 

शुरुआती हिंसा के बाद के बाद इन महिलाओ को जहांगीरपुरी भेज दिया गया. रात 11.08 min पर देवांगना कलिता ने राहुल रॉय को कॉल करके हिंसा के कामयाब होने के बारे में सूचना दी. हिंसा के लिए लाई गई महिलाओं की गाड़ियों का किराया देवांगना कलिता और नताशा नरवाल ने चुकाया. 

बस के ड्राइवर के स्टेटमेंट और मोबाइल फोन के लोकेशन से दंगों को प्रायोजकों की सारी पोल खुल गई. दिल्ली पुलिस ने हिंसा के बाद जाफराबाद में एफआईआर नम्बर 49 रजिस्टर की.

VIDEO